वैदिक उपवास — पवित्र व्रत
हिंदू व्रत गाइड
हिंदू व्रतों के विस्तृत मार्गदर्शिका — व्रत नियम, विधि, देवता, शुभ समय और साप्ताहिक, मासिक व वार्षिक व्रतों के आध्यात्मिक लाभ।
साप्ताहिक व्रत
सोमवार व्रत
भगवान शिव · प्रत्येक सोमवार। श्रावण मास के सोमवार (श्रावण सोमवार) सबसे अधिक शुभ होते हैं।
मंगलवार व्रत
भगवान हनुमान / भगवान गणेश · प्रत्येक मंगलवार। हनुमान जयंती या मंगल दोष काल में अधिक गहन पालन।
शनिवार व्रत
भगवान शनि (शनिदेव) · प्रत्येक शनिवार। शनि की साढ़े साती, ढैया या महादशा के दौरान। शनि जयंती सबसे शुभ।
गुरुवार व्रत
भगवान विष्णु / भगवान बृहस्पति · प्रत्येक गुरुवार। गुरु पूर्णिमा सबसे शुभ गुरुवार है। गुरु महादशा के दौरान।
शुक्रवार व्रत
माँ लक्ष्मी / संतोषी माता · प्रत्येक शुक्रवार। नवरात्रि के शुक्रवार या शुक्र के शुभ गोचर के समय विशेष रूप से शुभ।
संतोषी माता व्रत
संतोषी माता · 16 लगातार शुक्रवारों (सोलह शुक्रवार व्रत) तक हर शुक्रवार।
मासिक व्रत
वार्षिक व्रत
करवा चौथ
भगवान शिव, पार्वती, चंद्रमा · कार्तिक कृष्ण चतुर्थी
महाशिवरात्रि व्रत
भगवान शिव · फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी
हरतालिका तीज
देवी पार्वती और भगवान शिव · भाद्रपद शुक्ल तृतीया
श्रावण सोमवार व्रत
भगवान शिव · श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार
जन्माष्टमी व्रत
भगवान कृष्ण · भाद्रपद कृष्ण अष्टमी
राम नवमी व्रत
भगवान राम · चैत्र शुक्ल नवमी
एकादशी व्रत
सामान्य प्रश्न
प्र.व्रत क्या होता है?
व्रत देवता की आराधना का पवित्र उपवास है जो भक्ति और तपस्या के रूप में रखा जाता है। इससे मनोकामनाएं पूरी होती हैं, नकारात्मक कर्म दूर होते हैं और आध्यात्मिक पुण्य अर्जित होता है।
प्र.व्रत में कौन से खाद्य पदार्थ खा सकते हैं?
फल, दूध, दही, मेवे, साबूदाना, कुट्टू का आटा और सिंघाड़े का आटा की सामान्यतः अनुमति है। अनाज, नमक, प्याज और लहसुन वर्जित हैं। निर्जला व्रत में पानी भी नहीं लेते।
प्र.क्या जरूरी होने पर व्रत तोड़ सकते हैं?
यदि स्वास्थ्य आवश्यक हो, तो अधिकांश परंपराओं में देवता से संक्षिप्त क्षमा प्रार्थना के साथ व्रत तोड़ने और बाद में व्रत पूरा करने की अनुमति है।