वार्षिक व्रत — हिंदू पवित्र उपवास
श्रावण सोमवार व्रत
संक्षिप्त परिचय
श्रावण सोमवार व्रत श्रावण (जुलाई–अगस्त) के पवित्र मानसून महीने में रखा जाने वाला सोमवार का व्रत है, जब पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। श्रावण के सोमवार (आमतौर पर 4 से 5) पूरे वर्ष में शिव पूजा के सबसे शुभ दिन हैं। भक्त कांवड़ (गंगा का पवित्र जल) लेकर शिवलिंग पर चढ़ाते हैं।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
वर्ष की सबसे बड़ी शिव कृपा, जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं, सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, अच्छा विवाह सुनिश्चित होता है।
विधि
श्रावण के प्रत्येक सोमवार व्रत रखें। दूध, बेलपत्र और फूल से रुद्राभिषेक या सरल शिव पूजा करें। ॐ नमः शिवाय का निरंतर जाप करें। शिव मंदिर जाएं।
व्रत कब रखें
श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार — प्रति वर्ष लगभग 4 से 5 सोमवार।
व्रत नियम
अनाज और नमक से बचें। दूध, साबूदाना, फल की अनुमति। कुछ लोग पूर्ण निर्जला व्रत भी रखते हैं।
व्रत कैसे खोलें
शाम को शिव आरती के बाद दूध आधारित प्रसाद से व्रत खोलें।
सामान्य प्रश्न
प्र.श्रावण सोमवार व्रत क्या है?
श्रावण सोमवार व्रत श्रावण (जुलाई–अगस्त) के पवित्र मानसून महीने में रखा जाने वाला सोमवार का व्रत है, जब पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। श्रावण के सोमवार (आमतौर पर 4 से 5) पूरे वर्ष में शिव पूजा के सबसे शुभ दिन हैं। भक्त कांवड़ (गंगा का पवित्र...
प्र.श्रावण सोमवार व्रत के व्रत नियम क्या हैं?
अनाज और नमक से बचें। दूध, साबूदाना, फल की अनुमति। कुछ लोग पूर्ण निर्जला व्रत भी रखते हैं।
प्र.श्रावण सोमवार व्रत कब रखना चाहिए?
श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार — प्रति वर्ष लगभग 4 से 5 सोमवार।
प्र.श्रावण सोमवार व्रत के क्या लाभ हैं?
वर्ष की सबसे बड़ी शिव कृपा, जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं, सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, अच्छा विवाह सुनिश्चित होता है।