वार्षिक व्रत — हिंदू पवित्र उपवास
सोलह सोमवार व्रत
संक्षिप्त परिचय
सोलह सोमवार व्रत में भगवान शिव को समर्पित 16 लगातार सोमवार के व्रत रखे जाते हैं। यह हिंदू परंपरा में सबसे लोकप्रिय दीर्घकालिक व्रतों में से एक है। स्कंद पुराण में मिली सोलह सोमवार व्रत कथा के अनुसार, भगवान विष्णु और पार्वती ने कैलाश पर्वत पर चौसर खेला और पार्वती ने एक ब्राह्मण को साक्षी बनाया — शिव ने उस ब्राह्मण को आशीर्वाद दिया जिसने 16 सोमवार उनकी पूजा की।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
भक्त की गहरी मनोकामना (अक्सर विवाह या शिव जैसा पति) पूरी होती है, जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं, भगवान शिव की प्रत्यक्ष कृपा और आशीर्वाद मिलता है, आध्यात्मिक प्रगति सुनिश्चित होती है।
विधि
16 लगातार सोमवारों में से प्रत्येक पर: जल्दी उठकर स्नान करें। गेहूं के आटे, घी और गुड़ का मिश्रण (चूरमा) प्रसाद के रूप में तैयार करें। इस प्रसाद, बेलपत्र और दूध से शिव पूजा करें। ॐ नमः शिवाय 108 बार जपें। सोलह सोमवार व्रत कथा पढ़ें। 17वें सोमवार को उद्यापन (व्रत समापन समारोह) करें — पाँच ब्राह्मणों को बुलाकर भोजन कराएं।
व्रत कब रखें
किसी भी शुभ सोमवार से शुरू होने वाले 16 लगातार सोमवार (शुरुआत के लिए श्रावण सोमवार या महाशिवरात्रि लोकप्रिय हैं)। 16 लगातार सप्ताहों में बिना अंतराल के पूरा करें।
व्रत नियम
प्रत्येक सोमवार व्रत रखें। अनाज और नमक से बचें। शाम को फल, दूध और सात्विक भोजन के साथ केवल एक बार भोजन करें। पूजा के बाद चूरमा (गेहूं-घी-गुड़) प्रसाद ग्रहण करें।
व्रत कैसे खोलें
प्रत्येक सोमवार शाम को शिव पूजा और आरती के बाद चूरमा प्रसाद (गेहूं, घी, गुड़ का मिश्रण) से व्रत खोलें। 17वें सोमवार को उद्यापन समारोह के बाद व्रत खोलें।
सामान्य प्रश्न
प्र.सोलह सोमवार व्रत क्या है?
सोलह सोमवार व्रत में भगवान शिव को समर्पित 16 लगातार सोमवार के व्रत रखे जाते हैं। यह हिंदू परंपरा में सबसे लोकप्रिय दीर्घकालिक व्रतों में से एक है। स्कंद पुराण में मिली सोलह सोमवार व्रत कथा के अनुसार, भगवान विष्णु और पार्वती ने कैलाश पर्वत पर चौसर खेल...
प्र.सोलह सोमवार व्रत के व्रत नियम क्या हैं?
प्रत्येक सोमवार व्रत रखें। अनाज और नमक से बचें। शाम को फल, दूध और सात्विक भोजन के साथ केवल एक बार भोजन करें। पूजा के बाद चूरमा (गेहूं-घी-गुड़) प्रसाद ग्रहण करें।
प्र.सोलह सोमवार व्रत कब रखना चाहिए?
किसी भी शुभ सोमवार से शुरू होने वाले 16 लगातार सोमवार (शुरुआत के लिए श्रावण सोमवार या महाशिवरात्रि लोकप्रिय हैं)। 16 लगातार सप्ताहों में बिना अंतराल के पूरा करें।
प्र.सोलह सोमवार व्रत के क्या लाभ हैं?
भक्त की गहरी मनोकामना (अक्सर विवाह या शिव जैसा पति) पूरी होती है, जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं, भगवान शिव की प्रत्यक्ष कृपा और आशीर्वाद मिलता है, आध्यात्मिक प्रगति सुनिश्चित होती है।