मासिक व्रत — हिंदू पवित्र उपवास
मंगला चतुर्थी व्रत
संक्षिप्त परिचय
मंगला चतुर्थी शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश को समर्पित मासिक व्रत है। "मंगला" का अर्थ शुभ है, और यह व्रत बाधाओं को दूर करने (विघ्नहर्ता) और सभी कार्यों में शुभता लाने के लिए गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु रखा जाता है। यह संकष्टी चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) से अलग है और विशेष रूप से महिलाओं द्वारा परिवार की सुख-समृद्धि के लिए मनाया जाता है।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
जीवन और कार्य की सभी बाधाएं दूर होती हैं, बुद्धि और विवेक मिलता है, नए उद्यमों में सफलता सुनिश्चित होती है, परिवार में समृद्धि और खुशहाली आती है, पूरे महीने गणेश का निरंतर आशीर्वाद मिलता है।
विधि
शुक्ल चतुर्थी पर व्रत रखें। स्नान करें और गणेश मूर्ति या चित्र स्थापित करें। लाल या पीले फूल, मोदक, दूर्वा घास और नारियल अर्पित करें। गणेश अथर्वशीर्ष या गणेश चालीसा पाठ करें। "ॐ गं गणपतये नमः" 108 बार जपें। आरती करें और प्रसाद (मोदक) बांटें। शाम की पूजा के बाद व्रत खोलें।
व्रत कब रखें
प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी — वर्ष में 12 बार। माघी शुक्ल चतुर्थी (गणेश जयंती) सबसे पवित्र अवसर है।
व्रत नियम
अनाज, माँसाहारी भोजन, प्याज और लहसुन से बचें। अनुमत: फल, दूध, साबूदाना और बिना अनाज के बने मिष्ठान। कुछ लोग पूजा के बाद शाम को एक बार भोजन करते हैं।
व्रत कैसे खोलें
शाम की गणेश आरती के बाद मोदक, नारियल और फल को प्रसाद के रूप में खाकर व्रत खोलें। परिवार और पड़ोसियों में प्रसाद बांटें।
सामान्य प्रश्न
प्र.मंगला चतुर्थी व्रत क्या है?
मंगला चतुर्थी शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश को समर्पित मासिक व्रत है। "मंगला" का अर्थ शुभ है, और यह व्रत बाधाओं को दूर करने (विघ्नहर्ता) और सभी कार्यों में शुभता लाने के लिए गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु रखा जाता है। यह संकष्टी चतुर्थ...
प्र.मंगला चतुर्थी व्रत के व्रत नियम क्या हैं?
अनाज, माँसाहारी भोजन, प्याज और लहसुन से बचें। अनुमत: फल, दूध, साबूदाना और बिना अनाज के बने मिष्ठान। कुछ लोग पूजा के बाद शाम को एक बार भोजन करते हैं।
प्र.मंगला चतुर्थी व्रत कब रखना चाहिए?
प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी — वर्ष में 12 बार। माघी शुक्ल चतुर्थी (गणेश जयंती) सबसे पवित्र अवसर है।
प्र.मंगला चतुर्थी व्रत के क्या लाभ हैं?
जीवन और कार्य की सभी बाधाएं दूर होती हैं, बुद्धि और विवेक मिलता है, नए उद्यमों में सफलता सुनिश्चित होती है, परिवार में समृद्धि और खुशहाली आती है, पूरे महीने गणेश का निरंतर आशीर्वाद मिलता है।