साप्ताहिक व्रत — हिंदू पवित्र उपवास
सोमवार व्रत
संक्षिप्त परिचय
सोमवार व्रत भगवान शिव को समर्पित प्रत्येक सोमवार को रखा जाने वाला साप्ताहिक व्रत है। सोमवार चंद्रमा (सोम/चंद्र) का दिन है, और भगवान शिव अपने सिर पर अर्धचंद्र धारण करते हैं। यह व्रत अविवाहित लड़कियों और वैवाहिक सुख चाहने वाले जोड़ों में विशेष रूप से लोकप्रिय है।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
अविवाहितों को अच्छा जीवनसाथी मिलता है, वैवाहिक सुख सुनिश्चित होता है, शिव की ग्रह पीड़ा दूर होती है, मानसिक शांति मिलती है।
विधि
जल्दी उठें, स्नान करें और व्रत रखें। सुबह दूध, बेलपत्र और फूल से शिव की पूजा करें। शिव चालीसा या ॐ नमः शिवाय 108 बार जपें। यदि संभव हो शिव मंदिर जाएं।
व्रत कब रखें
प्रत्येक सोमवार। श्रावण मास के सोमवार (श्रावण सोमवार) सबसे अधिक शुभ होते हैं।
व्रत नियम
नमक, अनाज और माँसाहारी भोजन से बचें। दूध, फल, साबूदाना की अनुमति है। शाम को केवल एक बार भोजन करें।
व्रत कैसे खोलें
शाम को शिव आरती के बाद व्रत खोलें। प्रसाद (दूध से बनी मिठाई, फल) ग्रहण करें।
सामान्य प्रश्न
प्र.सोमवार व्रत क्या है?
सोमवार व्रत भगवान शिव को समर्पित प्रत्येक सोमवार को रखा जाने वाला साप्ताहिक व्रत है। सोमवार चंद्रमा (सोम/चंद्र) का दिन है, और भगवान शिव अपने सिर पर अर्धचंद्र धारण करते हैं। यह व्रत अविवाहित लड़कियों और वैवाहिक सुख चाहने वाले जोड़ों में विशेष रूप से ल...
प्र.सोमवार व्रत के व्रत नियम क्या हैं?
नमक, अनाज और माँसाहारी भोजन से बचें। दूध, फल, साबूदाना की अनुमति है। शाम को केवल एक बार भोजन करें।
प्र.सोमवार व्रत कब रखना चाहिए?
प्रत्येक सोमवार। श्रावण मास के सोमवार (श्रावण सोमवार) सबसे अधिक शुभ होते हैं।
प्र.सोमवार व्रत के क्या लाभ हैं?
अविवाहितों को अच्छा जीवनसाथी मिलता है, वैवाहिक सुख सुनिश्चित होता है, शिव की ग्रह पीड़ा दूर होती है, मानसिक शांति मिलती है।