आज: वैदिक ज्योतिष · प्राचीन · सटीक · मुफ्त
खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIशुक्रवार, 24 अप्रैल 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
VedicBirth
वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

नवरात्रि व्रत — हिंदू पवित्र उपवास

आषाढ़ नवरात्रि व्रत

देवता देवी दुर्गा / देवी विंध्यवासिनी
प्रकार नवरात्रि व्रत

संक्षिप्त परिचय

आषाढ़ नवरात्रि (गुप्त नवरात्रि भी कही जाती है) आषाढ़ माह (जून-जुलाई) में शुक्ल पक्ष के दौरान मनाई जाती है। दो मुख्य नवरात्रियों के विपरीत, यह एक गुप्त नवरात्रि है जो मुख्यतः शाक्त तांत्रिक साधकों और उन्नत भक्तों के लिए होती है। अधिष्ठात्री देवी विंध्यवासिनी और दस महाविद्याएं (देवी के तांत्रिक रूप) हैं।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

गुप्त आध्यात्मिक शक्तियाँ (गुप्त सिद्धियाँ) मिलती हैं, साधारण पूजा से पूरी न होने वाली मनोकामनाएं पूरी होती हैं, गहरे संचित नकारात्मक कर्म दूर होते हैं, तांत्रिक ज्ञान और सुरक्षा मिलती है।

विधि

नौ दिनों तक व्रत रखें। देवी विंध्यवासिनी और दस महाविद्याओं की पूजा करें। विशेष तांत्रिक जोर के साथ दुर्गा सप्तशती पाठ करें। तांत्रिक परंपरा का पालन करने पर मध्यरात्रि (निशित काल) पूजा करें। तिल के तेल से दीपक जलाएं। लाल फूल, लाल वस्त्र और कुमकुम अर्पित करें।

व्रत कब रखें

आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक — जून या जुलाई में 9 दिन। वर्ष की चार नवरात्रियों में से एक, हालांकि चैत्र और शारद नवरात्रि की तुलना में कम व्यापक रूप से मनाई जाती है।

व्रत नियम

अनाज, माँसाहारी भोजन, प्याज, लहसुन और शराब से बचें। अनुमत: फलाहार, साबूदाना और कुट्टू के व्यंजन। तांत्रिक साधना करने वाले गुरु-निर्धारित विशेष आहार नियमों का पालन कर सकते हैं।

व्रत कैसे खोलें

नवमी पर नौ दिवसीय पूजा पूरी करने के बाद व्रत खोलें। पहले देवी को प्रसाद अर्पित करें, फिर फल, मिठाई और पूर्ण सात्विक भोजन ग्रहण करें।

सामान्य प्रश्न

प्र.आषाढ़ नवरात्रि व्रत क्या है?

आषाढ़ नवरात्रि (गुप्त नवरात्रि भी कही जाती है) आषाढ़ माह (जून-जुलाई) में शुक्ल पक्ष के दौरान मनाई जाती है। दो मुख्य नवरात्रियों के विपरीत, यह एक गुप्त नवरात्रि है जो मुख्यतः शाक्त तांत्रिक साधकों और उन्नत भक्तों के लिए होती है। अधिष्ठात्री देवी विंध्...

प्र.आषाढ़ नवरात्रि व्रत के व्रत नियम क्या हैं?

अनाज, माँसाहारी भोजन, प्याज, लहसुन और शराब से बचें। अनुमत: फलाहार, साबूदाना और कुट्टू के व्यंजन। तांत्रिक साधना करने वाले गुरु-निर्धारित विशेष आहार नियमों का पालन कर सकते हैं।

प्र.आषाढ़ नवरात्रि व्रत कब रखना चाहिए?

आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक — जून या जुलाई में 9 दिन। वर्ष की चार नवरात्रियों में से एक, हालांकि चैत्र और शारद नवरात्रि की तुलना में कम व्यापक रूप से मनाई जाती है।

प्र.आषाढ़ नवरात्रि व्रत के क्या लाभ हैं?

गुप्त आध्यात्मिक शक्तियाँ (गुप्त सिद्धियाँ) मिलती हैं, साधारण पूजा से पूरी न होने वाली मनोकामनाएं पूरी होती हैं, गहरे संचित नकारात्मक कर्म दूर होते हैं, तांत्रिक ज्ञान और सुरक्षा मिलती है।

संबंधित व्रत