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साप्ताहिक व्रत — हिंदू पवित्र उपवास

मंगलवार व्रत

देवता भगवान हनुमान / भगवान गणेश
प्रकार साप्ताहिक व्रत

संक्षिप्त परिचय

मंगलवार व्रत भगवान हनुमान और मंगल ग्रह के लिए प्रत्येक मंगलवार को रखा जाता है। मंगलवार मंगल का दिन है और साहस, शक्ति और सुरक्षा के लिए हनुमान की पूजा का दिन है। यह मंगल दोष (जन्म कुंडली में मंगल की पीड़ा) का प्राथमिक उपाय है जो विवाह में बाधाएं उत्पन्न करता है।

अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

मंगल दोष दूर होता है, अच्छा विवाह सुनिश्चित होता है, साहस और शक्ति मिलती है, शत्रु और बाधाएं दूर होती हैं।

विधि

सूर्योदय से व्रत रखें। हनुमान मंदिर जाएं। सिंदूर, लाल फूल और केला चढ़ाएं। हनुमान चालीसा जपें। बड़ी बाधाओं पर बजरंग बाण पढ़ें। शाम को हनुमान आरती के बाद व्रत खोलें।

व्रत कब रखें

प्रत्येक मंगलवार। हनुमान जयंती या मंगल दोष काल में अधिक गहन पालन।

व्रत नियम

माँसाहारी भोजन से बचें। कुछ लोग नमक भी छोड़ते हैं। लाल रंग के भोजन को प्राथमिकता दें। केवल एक बार — अधिमानतः सूर्यास्त पर — भोजन करें।

व्रत कैसे खोलें

सूर्यास्त पर हनुमान आरती के बाद व्रत खोलें। प्रसाद (केला, लड्डू) ग्रहण करें।

सामान्य प्रश्न

प्र.मंगलवार व्रत क्या है?

मंगलवार व्रत भगवान हनुमान और मंगल ग्रह के लिए प्रत्येक मंगलवार को रखा जाता है। मंगलवार मंगल का दिन है और साहस, शक्ति और सुरक्षा के लिए हनुमान की पूजा का दिन है। यह मंगल दोष (जन्म कुंडली में मंगल की पीड़ा) का प्राथमिक उपाय है जो विवाह में बाधाएं उत्पन...

प्र.मंगलवार व्रत के व्रत नियम क्या हैं?

माँसाहारी भोजन से बचें। कुछ लोग नमक भी छोड़ते हैं। लाल रंग के भोजन को प्राथमिकता दें। केवल एक बार — अधिमानतः सूर्यास्त पर — भोजन करें।

प्र.मंगलवार व्रत कब रखना चाहिए?

प्रत्येक मंगलवार। हनुमान जयंती या मंगल दोष काल में अधिक गहन पालन।

प्र.मंगलवार व्रत के क्या लाभ हैं?

मंगल दोष दूर होता है, अच्छा विवाह सुनिश्चित होता है, साहस और शक्ति मिलती है, शत्रु और बाधाएं दूर होती हैं।

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