वार्षिक व्रत — हिंदू पवित्र उपवास
राम नवमी व्रत
संक्षिप्त परिचय
राम नवमी व्रत चैत्र शुक्ल नवमी — भगवान राम की जन्म वर्षगाँठ — को रखा जाता है। यह चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन होता है। भक्त व्रत रखते हैं, रामचरितमानस या वाल्मीकि रामायण पढ़ते हैं और राम पूजा करते हैं। दोपहर में — राम के जन्म के समय — शिशु राम प्रतिमा का अभिषेक करते हुए जन्मोत्सव मनाया जाता है।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
राम का आशीर्वाद मिलता है, पाप नष्ट होते हैं, कठिनाइयों पर विजय मिलती है, स्वास्थ्य और समृद्धि मिलती है।
विधि
व्रत रखें। रामचरितमानस या सुंदरकांड पढ़ें। दोपहर को अभिषेक के साथ राम का जन्मोत्सव मनाएं। राम नाम (श्री राम जय राम जय जय राम) जपें।
व्रत कब रखें
चैत्र शुक्ल नवमी — वर्ष में एक बार (मार्च/अप्रैल)।
व्रत नियम
फलाहार या निर्जला व्रत। अनाज, नमक, प्याज, लहसुन से बचें। फल, दूध और सात्विक भोजन की अनुमति।
व्रत कैसे खोलें
राम पूजा और आरती के बाद शाम को प्रसाद के साथ व्रत खोलें।
सामान्य प्रश्न
प्र.राम नवमी व्रत क्या है?
राम नवमी व्रत चैत्र शुक्ल नवमी — भगवान राम की जन्म वर्षगाँठ — को रखा जाता है। यह चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन होता है। भक्त व्रत रखते हैं, रामचरितमानस या वाल्मीकि रामायण पढ़ते हैं और राम पूजा करते हैं। दोपहर में — राम के जन्म के समय — शिशु राम प्रतिमा...
प्र.राम नवमी व्रत के व्रत नियम क्या हैं?
फलाहार या निर्जला व्रत। अनाज, नमक, प्याज, लहसुन से बचें। फल, दूध और सात्विक भोजन की अनुमति।
प्र.राम नवमी व्रत कब रखना चाहिए?
चैत्र शुक्ल नवमी — वर्ष में एक बार (मार्च/अप्रैल)।
प्र.राम नवमी व्रत के क्या लाभ हैं?
राम का आशीर्वाद मिलता है, पाप नष्ट होते हैं, कठिनाइयों पर विजय मिलती है, स्वास्थ्य और समृद्धि मिलती है।