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एकादशी व्रत — हिंदू पवित्र उपवास

कामिका एकादशी व्रत

देवता भगवान विष्णु (त्रिविक्रम रूप)
प्रकार एकादशी व्रत

संक्षिप्त परिचय

कामिका एकादशी श्रावण माह (जुलाई–अगस्त) की कृष्ण पक्ष एकादशी को पड़ती है। ब्रह्म वैवर्त पुराण में भगवान कृष्ण ने युधिष्ठिर को बताया कि यह एकादशी सभी इच्छाओं को पूरा करती है (काम = इच्छा; इका = प्रदान करने वाली)। यह विशेष रूप से विष्णु के त्रिविक्रम रूप और तुलसी पत्र अर्पण से जुड़ी है, जो इस दिन विष्णु को सोने या आभूषणों से अधिक प्रिय माने जाते हैं। पवित्र श्रावण माह में इस एकादशी का पालन करने से इसका पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।

अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

सभी इच्छाएं पूरी होती हैं, जाने-अनजाने किए गए पाप नष्ट होते हैं, मोक्ष मिलता है, धन-समृद्धि प्राप्त होती है, और सभी पवित्र नदियों में स्नान और महान यज्ञ करने के समान पुण्य मिलता है।

विधि

दशमी की शाम हल्का सात्विक भोजन करें। कामिका एकादशी पर जल्दी स्नान करें और विशेष रूप से तुलसी पत्रों से भगवान विष्णु की पूजा करें — विष्णु के प्रत्येक नाम का जाप करते हुए 108 तुलसी पत्र अर्पित करें। कामिका एकादशी माहात्म्य पढ़ें या सुनें। विष्णु के सामने घी का दीपक जलाएं। निर्जला या फलाहार व्रत रखें। विष्णु कीर्तन के साथ रात्रि जागरण करें।

व्रत कब रखें

श्रावण माह (जुलाई–अगस्त) की कृष्ण पक्ष एकादशी। पवित्र श्रावण माह में वर्ष में एक बार आती है।

व्रत नियम

अनाज, चावल, गेहूँ, दाल, प्याज, लहसुन और माँसाहारी भोजन से बचें। इस दिन तुलसी पत्र अर्पित करें लेकिन चबाएं नहीं। फलाहार या निर्जला व्रत रखें।

व्रत कैसे खोलें

द्वादशी पर सूर्योदय के बाद व्रत खोलें। संक्षिप्त विष्णु पूजा करें, तुलसी जल अर्पित करें, फिर प्रसाद खाएं। अतिरिक्त पुण्य के लिए कामिका द्वादशी दान के रूप में ब्राह्मणों को तिल या भोजन दान करें।

सामान्य प्रश्न

प्र.कामिका एकादशी व्रत क्या है?

कामिका एकादशी श्रावण माह (जुलाई–अगस्त) की कृष्ण पक्ष एकादशी को पड़ती है। ब्रह्म वैवर्त पुराण में भगवान कृष्ण ने युधिष्ठिर को बताया कि यह एकादशी सभी इच्छाओं को पूरा करती है (काम = इच्छा; इका = प्रदान करने वाली)। यह विशेष रूप से विष्णु के त्रिविक्रम रू...

प्र.कामिका एकादशी व्रत के व्रत नियम क्या हैं?

अनाज, चावल, गेहूँ, दाल, प्याज, लहसुन और माँसाहारी भोजन से बचें। इस दिन तुलसी पत्र अर्पित करें लेकिन चबाएं नहीं। फलाहार या निर्जला व्रत रखें।

प्र.कामिका एकादशी व्रत कब रखना चाहिए?

श्रावण माह (जुलाई–अगस्त) की कृष्ण पक्ष एकादशी। पवित्र श्रावण माह में वर्ष में एक बार आती है।

प्र.कामिका एकादशी व्रत के क्या लाभ हैं?

सभी इच्छाएं पूरी होती हैं, जाने-अनजाने किए गए पाप नष्ट होते हैं, मोक्ष मिलता है, धन-समृद्धि प्राप्त होती है, और सभी पवित्र नदियों में स्नान और महान यज्ञ करने के समान पुण्य मिलता है।

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