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वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

एकादशी व्रत, हिंदू पवित्र उपवास

निर्जला एकादशी

देवता भगवान विष्णु
प्रकार एकादशी व्रत

संक्षिप्त परिचय

निर्जला एकादशी (भीमसेनी एकादशी या पांडव निर्जला एकादशी भी कहलाती है) ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी को होती है और सभी 24 एकादशियों में सबसे शक्तिशाली मानी जाती है। इस एक एकादशी का पूर्ण निर्जला व्रत करने से साल भर की सभी 24 एकादशियों का पुण्य मिलता है।

अंतिम अपडेट: 13 मई 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

सभी 24 एकादशियों का पुण्य मिलता है, मोक्ष मिलता है, सभी पाप दूर होते हैं, विष्णु का दिव्य आशीर्वाद मिलता है।

विधि

दशमी शाम को हल्का सात्विक भोजन करें। एकादशी पर पूर्ण निर्जला व्रत (24 घंटे पानी नहीं)। दिन भर विष्णु की पूजा करें। विष्णु सहस्रनाम जपें। यदि संभव हो रात भर जागें।

व्रत कब रखें

ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी, वर्ष में एक बार (मई/जून)।

व्रत नियम

24 घंटे न पानी न भोजन। हिंदू कैलेंडर का सबसे कठोर व्रत। प्रयास करने से पहले स्वास्थ्य सुनिश्चित करें।

व्रत कैसे खोलें

द्वादशी की सुबह सूर्योदय के बाद तुलसी जल से और फिर सामान्य प्रसाद से व्रत खोलें।

सामान्य प्रश्न

प्र.निर्जला एकादशी क्या है?

निर्जला एकादशी (भीमसेनी एकादशी या पांडव निर्जला एकादशी भी कहलाती है) ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी को होती है और सभी 24 एकादशियों में सबसे शक्तिशाली मानी जाती है। इस एक एकादशी का पूर्ण निर्जला व्रत करने से साल भर की सभी 24 एकादशियों का पुण्य मिलता है।

प्र.निर्जला एकादशी के व्रत नियम क्या हैं?

24 घंटे न पानी न भोजन। हिंदू कैलेंडर का सबसे कठोर व्रत। प्रयास करने से पहले स्वास्थ्य सुनिश्चित करें।

प्र.निर्जला एकादशी कब रखना चाहिए?

ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी, वर्ष में एक बार (मई/जून)।

प्र.निर्जला एकादशी के क्या लाभ हैं?

सभी 24 एकादशियों का पुण्य मिलता है, मोक्ष मिलता है, सभी पाप दूर होते हैं, विष्णु का दिव्य आशीर्वाद मिलता है।

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