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साप्ताहिक व्रत, हिंदू पवित्र उपवास

संतोषी माता व्रत

देवता संतोषी माता
प्रकार साप्ताहिक व्रत

संक्षिप्त परिचय

संतोषी माता व्रत संतोष और तृप्ति की देवी संतोषी माता का आशीर्वाद पाने के लिए 16 लगातार शुक्रवारों (सोलह शुक्रवार) तक प्रत्येक शुक्रवार को रखा जाता है। उन्हें भगवान गणेश की पुत्री माना जाता है। 1975 की बॉलीवुड फिल्म "जय संतोषी माँ" के बाद यह व्रत बेहद लोकप्रिय हो गया।

अंतिम अपडेट: 13 जून 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

विशेष मनोकामनाएं पूरी होती हैं, आर्थिक कठिनाइयाँ दूर होती हैं, पारिवारिक खुशी मिलती है, संतोष और तृप्ति मिलती है।

विधि

16 शुक्रवारों तक हर शुक्रवार व्रत रखें। चने और गुड़ की मिठाई से संतोषी माता की पूजा करें। संतोषी माता व्रत कथा पढ़ें या सुनें। इस दिन घर में खट्टा भोजन न आने दें।

व्रत कब रखें

16 लगातार शुक्रवारों (सोलह शुक्रवार व्रत) तक हर शुक्रवार।

व्रत नियम

सभी खट्टे खाद्य पदार्थ (इमली, नींबू, दही, टमाटर) से बचें। केवल एक बार भोजन। माँसाहारी भोजन नहीं।

व्रत कैसे खोलें

शाम की पूजा और कथा के बाद व्रत खोलें। पहले चना-गुड़ का प्रसाद खाएं।

सामान्य प्रश्न

प्र.संतोषी माता व्रत क्या है?

संतोषी माता व्रत संतोष और तृप्ति की देवी संतोषी माता का आशीर्वाद पाने के लिए 16 लगातार शुक्रवारों (सोलह शुक्रवार) तक प्रत्येक शुक्रवार को रखा जाता है। उन्हें भगवान गणेश की पुत्री माना जाता है। 1975 की बॉलीवुड फिल्म "जय संतोषी माँ" के बाद यह व्रत बेहद...

प्र.संतोषी माता व्रत के व्रत नियम क्या हैं?

सभी खट्टे खाद्य पदार्थ (इमली, नींबू, दही, टमाटर) से बचें। केवल एक बार भोजन। माँसाहारी भोजन नहीं।

प्र.संतोषी माता व्रत कब रखना चाहिए?

16 लगातार शुक्रवारों (सोलह शुक्रवार व्रत) तक हर शुक्रवार।

प्र.संतोषी माता व्रत के क्या लाभ हैं?

विशेष मनोकामनाएं पूरी होती हैं, आर्थिक कठिनाइयाँ दूर होती हैं, पारिवारिक खुशी मिलती है, संतोष और तृप्ति मिलती है।

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