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देवी पूजा — वैदिक पूजा विधि

तीज पूजा

देवता देवी पार्वती एवं भगवान शिव
अवधि 1–2 दिन (सूर्योदय से व्रत; अगले दिन सुबह समापन)
श्रेणी देवी पूजा

संक्षिप्त परिचय

तीज एक जीवंत और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण पर्व है जो मुख्यतः महिलाएं देवी पार्वती की भक्ति और भगवान शिव के साथ उनके पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाती हैं। तीन प्रमुख तीज पर्व हैं — हरियाली तीज (श्रावण), कजरी तीज (भाद्रपद) और हरतालिका तीज (भाद्रपद शुक्ल तृतीया)। महिलाएं व्रत रखती हैं, पारंपरिक गीत गाती हैं, मेहंदी लगाती हैं और सुखी विवाह, पतियों के कल्याण और घर में समृद्धि के आशीर्वाद के लिए विस्तृत पूजा अनुष्ठान करती हैं।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

तीज पूजा से देवी पार्वती का आशीर्वाद मिलता है जो दीर्घ और सुखमय वैवाहिक जीवन प्रदान करता है। यह वैधव्य से रक्षा करता है, दांपत्य सुख देता है और पति-पत्नी के बीच के बंधन को मजबूत करता है। अविवाहित कन्याओं के लिए यह पूजा उपयुक्त और प्रेमशील वर का आशीर्वाद देती है। यह व्रत आध्यात्मिक रूप से शुद्ध करता है, पापों का नाश करता है, समृद्धि लाता है और पूरे परिवार के लिए शुभ भाग्य का आह्वान करता है।

चरण-दर-चरण विधि

तीज के दिन महिलाएं जल्दी स्नान करें, समृद्धि का प्रतीक हरे या लाल वस्त्र धारण करें और हाथों पर मेहंदी लगाएं। पूजा मंडप तैयार करें और देवी पार्वती और भगवान शिव की मिट्टी या धातु की मूर्तियां स्थापित करें। देवताओं को फूल, फल, मिठाई, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें। धूप और दीप जलाएं। तीज व्रत कथा सुनें या पढ़ें। हरतालिका तीज के लिए निर्जला व्रत रखें। सुबह-शाम आरती करें। अगले दिन पूजा करके व्रत संपन्न करें और परिवार व पड़ोसियों में प्रसाद वितरित करें।

शुभ मुहूर्त

श्रावण शुक्ल तृतीया (हरियाली तीज), भाद्रपद कृष्ण तृतीया (कजरी तीज), अथवा भाद्रपद शुक्ल तृतीया (हरतालिका तीज) — सामान्यतः जुलाई से सितंबर।

आवश्यक सामग्री

  • ·पार्वती और शिव की मिट्टी या धातु की मूर्तियां
  • ·हरे और लाल फूल
  • ·बेलपत्र और धतूरा
  • ·फल और मिठाई
  • ·मेहंदी
  • ·हरी चूड़ियां
  • ·अगरबत्ती और कपूर
  • ·दीया और घी
  • ·लाल वस्त्र
  • ·पूजा थाली और कलश

सामान्य प्रश्न

प्र.तीज पूजा क्या है?

तीज एक जीवंत और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण पर्व है जो मुख्यतः महिलाएं देवी पार्वती की भक्ति और भगवान शिव के साथ उनके पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाती हैं। तीन प्रमुख तीज पर्व हैं — हरियाली तीज (श्रावण), कजरी तीज (भाद्रपद) और हरतालिका तीज (भाद्रपद शु...

प्र.तीज पूजा के क्या लाभ हैं?

तीज पूजा से देवी पार्वती का आशीर्वाद मिलता है जो दीर्घ और सुखमय वैवाहिक जीवन प्रदान करता है। यह वैधव्य से रक्षा करता है, दांपत्य सुख देता है और पति-पत्नी के बीच के बंधन को मजबूत करता है। अविवाहित कन्याओं के लिए यह पूजा उपयुक्त और प्रेमशील वर का आशीर्वाद देती है। यह व्रत आध्यात्मिक रूप से शुद्ध करता है, पापों का नाश करता है, समृद्धि लाता है और पूरे परिवार के लिए शुभ भाग्य का आह्वान करता है।

प्र.तीज पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

श्रावण शुक्ल तृतीया (हरियाली तीज), भाद्रपद कृष्ण तृतीया (कजरी तीज), अथवा भाद्रपद शुक्ल तृतीया (हरतालिका तीज) — सामान्यतः जुलाई से सितंबर।

प्र.तीज पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?

पार्वती और शिव की मिट्टी या धातु की मूर्तियां, हरे और लाल फूल, बेलपत्र और धतूरा, फल और मिठाई, मेहंदी, हरी चूड़ियां, अगरबत्ती और कपूर, दीया और घी, लाल वस्त्र, पूजा थाली और कलश।

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