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पवित्र हवन — वैदिक पूजा विधि

सूर्य हवन

देवता भगवान सूर्य
अवधि 2–3 घंटे
श्रेणी पवित्र हवन

संक्षिप्त परिचय

सूर्य हवन भगवान सूर्य को समर्पित एक पवित्र अग्नि अनुष्ठान है, जो जीवन, प्रकाश और ऊर्जा के दाता हैं। पवित्र अग्नि में तिल, घी और लाल चंदन की आहुति दी जाती है और आदित्य हृदयम तथा गायत्री मंत्र का पाठ होता है। यह हवन सौर ऊर्जा को जागृत करने, स्वास्थ्य सुधारने, जीवनशक्ति बढ़ाने और कुंडली में कमजोर सूर्य के दुष्प्रभावों को दूर करने के लिए किया जाता है।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

कुंडली में सूर्य मजबूत होता है, स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, नेतृत्व गुण और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, दृष्टि सुधरती है, सरकारी बाधाएं दूर होती हैं और यश प्राप्त होता है।

चरण-दर-चरण विधि

हवन कुंड तैयार करें और आम की लकड़ी से पवित्र अग्नि प्रज्वलित करें। पहले गणेश फिर सूर्य का आवाहन करें। सूर्य बीज मंत्र (ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः) का 108 बार जाप करते हुए तिल, लाल चंदन चूर्ण और घी की आहुति दें। आदित्य हृदयम का पाठ करें और गायत्री मंत्र जाप करें। पूर्णाहुति और आरती से समाप्त करें।

शुभ मुहूर्त

रविवार को सूर्योदय के समय (ब्रह्म मुहूर्त)। उत्तरायण (जनवरी–जून), रथ सप्तमी और सूर्य के मेष संक्रांति पर विशेष रूप से शुभ।

आवश्यक सामग्री

  • ·हवन कुंड
  • ·आम की लकड़ी
  • ·तिल
  • ·घी
  • ·लाल चंदन चूर्ण
  • ·लाल फूल
  • ·जल से भरा तांबे का पात्र
  • ·सूर्य यंत्र
  • ·कपूर
  • ·अगरबत्ती

सामान्य प्रश्न

प्र.सूर्य हवन क्या है?

सूर्य हवन भगवान सूर्य को समर्पित एक पवित्र अग्नि अनुष्ठान है, जो जीवन, प्रकाश और ऊर्जा के दाता हैं। पवित्र अग्नि में तिल, घी और लाल चंदन की आहुति दी जाती है और आदित्य हृदयम तथा गायत्री मंत्र का पाठ होता है। यह हवन सौर ऊर्जा को जागृत करने, स्वास्थ्य स...

प्र.सूर्य हवन के क्या लाभ हैं?

कुंडली में सूर्य मजबूत होता है, स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, नेतृत्व गुण और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, दृष्टि सुधरती है, सरकारी बाधाएं दूर होती हैं और यश प्राप्त होता है।

प्र.सूर्य हवन का सबसे अच्छा समय क्या है?

रविवार को सूर्योदय के समय (ब्रह्म मुहूर्त)। उत्तरायण (जनवरी–जून), रथ सप्तमी और सूर्य के मेष संक्रांति पर विशेष रूप से शुभ।

प्र.सूर्य हवन के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?

हवन कुंड, आम की लकड़ी, तिल, घी, लाल चंदन चूर्ण, लाल फूल, जल से भरा तांबे का पात्र, सूर्य यंत्र, कपूर, अगरबत्ती।

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