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पवित्र हवन — वैदिक पूजा विधि

लक्ष्मी हवन

देवता माँ लक्ष्मी
अवधि 2–3 घंटे
श्रेणी पवित्र हवन

संक्षिप्त परिचय

लक्ष्मी हवन माँ लक्ष्मी को समर्पित एक शक्तिशाली अग्नि अनुष्ठान है, जो धन, समृद्धि और शुभता की देवी हैं। पवित्र अग्नि में कमल के बीज, खीर और केसर की आहुति दी जाती है और श्री सूक्त तथा लक्ष्मी बीज मंत्र का जाप होता है। यह हवन आर्थिक समृद्धि आकर्षित करने, कर्ज दूर करने और घर-व्यापार में स्थायी सुख-समृद्धि लाने के लिए किया जाता है।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

धन और आर्थिक स्थिरता आती है, कर्ज और आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं, व्यापार और निवेश में सफलता मिलती है, समृद्धि का निरंतर प्रवाह बना रहता है और दरिद्रता दूर होती है।

चरण-दर-चरण विधि

हवन कुंड तैयार करें और पीपल या आम की लकड़ी से अग्नि जलाएं। श्री सूक्त से गणेश फिर माँ लक्ष्मी का आवाहन करें। लक्ष्मी बीज मंत्र (ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद) का 108 बार जाप करते हुए कमल के बीज, खीर, केसर और घी की आहुति दें। श्री सूक्त पाठ करें। पूर्णाहुति, आरती और खीर प्रसाद वितरण से समाप्त करें।

शुभ मुहूर्त

दीवाली (कार्तिक अमावस्या), प्रत्येक शुक्रवार, शरद पूर्णिमा और अक्षय तृतीया सबसे शुभ समय हैं।

आवश्यक सामग्री

  • ·हवन कुंड
  • ·पीपल या आम की लकड़ी
  • ·कमल के बीज
  • ·खीर
  • ·केसर
  • ·घी
  • ·पीले फूल
  • ·हल्दी
  • ·लक्ष्मी प्रतिमा या यंत्र
  • ·सिक्के
  • ·अगरबत्ती

सामान्य प्रश्न

प्र.लक्ष्मी हवन क्या है?

लक्ष्मी हवन माँ लक्ष्मी को समर्पित एक शक्तिशाली अग्नि अनुष्ठान है, जो धन, समृद्धि और शुभता की देवी हैं। पवित्र अग्नि में कमल के बीज, खीर और केसर की आहुति दी जाती है और श्री सूक्त तथा लक्ष्मी बीज मंत्र का जाप होता है। यह हवन आर्थिक समृद्धि आकर्षित करन...

प्र.लक्ष्मी हवन के क्या लाभ हैं?

धन और आर्थिक स्थिरता आती है, कर्ज और आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं, व्यापार और निवेश में सफलता मिलती है, समृद्धि का निरंतर प्रवाह बना रहता है और दरिद्रता दूर होती है।

प्र.लक्ष्मी हवन का सबसे अच्छा समय क्या है?

दीवाली (कार्तिक अमावस्या), प्रत्येक शुक्रवार, शरद पूर्णिमा और अक्षय तृतीया सबसे शुभ समय हैं।

प्र.लक्ष्मी हवन के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?

हवन कुंड, पीपल या आम की लकड़ी, कमल के बीज, खीर, केसर, घी, पीले फूल, हल्दी, लक्ष्मी प्रतिमा या यंत्र, सिक्के, अगरबत्ती।

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