आज: वैदिक ज्योतिष · प्राचीन · सटीक · मुफ्त
खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIशुक्रवार, 24 अप्रैल 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
VedicBirth
वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

पवित्र हवन — वैदिक पूजा विधि

दुर्गा हवन

देवता माँ दुर्गा
अवधि 3–5 घंटे
श्रेणी पवित्र हवन

संक्षिप्त परिचय

दुर्गा हवन माँ दुर्गा को समर्पित एक शक्तिशाली शक्ति अग्नि अनुष्ठान है, जो दिव्य योद्धा माँ हैं और बुराई का नाश कर भक्तों की रक्षा करती हैं। पवित्र अग्नि में लाल फूल, तिल और बिल्वपत्र की आहुति देते हुए दुर्गा सप्तशती और नवार्ण मंत्र का जाप होता है। यह हवन शत्रुओं और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा, जीवन की बाधाओं पर विजय के लिए और नवरात्रि के दौरान अधिकतम आध्यात्मिक लाभ के लिए किया जाता है।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

शत्रुओं और दुष्ट शक्तियों से सुरक्षा मिलती है, बाधाएं और नकारात्मक कर्म नष्ट होते हैं, साहस और आंतरिक शक्ति प्राप्त होती है, भय और चिंता दूर होती है और विपरीत परिस्थितियों में विजय मिलती है।

चरण-दर-चरण विधि

हवन कुंड तैयार करें और पवित्र अग्नि जलाएं। दुर्गा ध्यान मंत्र से गणेश फिर माँ दुर्गा का आवाहन करें। नवार्ण मंत्र (ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे) का 108 बार जाप करते हुए लाल फूल, तिल, बिल्वपत्र और घी की आहुति दें। दुर्गा सप्तशती (700 श्लोक) का पाठ करें। पूर्णाहुति और दुर्गा आरती से समाप्त करें।

शुभ मुहूर्त

नवरात्रि (चैत्र और शारदीय दोनों) सबसे शक्तिशाली समय है। अष्टमी, नवमी, मंगलवार और सुरक्षा अनुष्ठानों के लिए ग्रहण काल में भी शुभ।

आवश्यक सामग्री

  • ·हवन कुंड
  • ·आम की लकड़ी
  • ·लाल फूल (गुड़हल)
  • ·तिल
  • ·बिल्वपत्र
  • ·घी
  • ·लाल वस्त्र
  • ·नारियल
  • ·दुर्गा प्रतिमा या यंत्र
  • ·कपूर
  • ·अगरबत्ती

सामान्य प्रश्न

प्र.दुर्गा हवन क्या है?

दुर्गा हवन माँ दुर्गा को समर्पित एक शक्तिशाली शक्ति अग्नि अनुष्ठान है, जो दिव्य योद्धा माँ हैं और बुराई का नाश कर भक्तों की रक्षा करती हैं। पवित्र अग्नि में लाल फूल, तिल और बिल्वपत्र की आहुति देते हुए दुर्गा सप्तशती और नवार्ण मंत्र का जाप होता है। यह...

प्र.दुर्गा हवन के क्या लाभ हैं?

शत्रुओं और दुष्ट शक्तियों से सुरक्षा मिलती है, बाधाएं और नकारात्मक कर्म नष्ट होते हैं, साहस और आंतरिक शक्ति प्राप्त होती है, भय और चिंता दूर होती है और विपरीत परिस्थितियों में विजय मिलती है।

प्र.दुर्गा हवन का सबसे अच्छा समय क्या है?

नवरात्रि (चैत्र और शारदीय दोनों) सबसे शक्तिशाली समय है। अष्टमी, नवमी, मंगलवार और सुरक्षा अनुष्ठानों के लिए ग्रहण काल में भी शुभ।

प्र.दुर्गा हवन के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?

हवन कुंड, आम की लकड़ी, लाल फूल (गुड़हल), तिल, बिल्वपत्र, घी, लाल वस्त्र, नारियल, दुर्गा प्रतिमा या यंत्र, कपूर, अगरबत्ती।

संबंधित पूजाएं