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खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIशनिवार, 13 जून 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
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वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

जीवन संस्कार, वैदिक पूजा विधि

नामकरण संस्कार

देवता भगवान विष्णु, सूर्य, कुल देवता
अवधि 2–3 घंटे
श्रेणी जीवन संस्कार

संक्षिप्त परिचय

नामकरण नाम रखने का संस्कार है, सोलह हिंदू संस्कारों में से चौथा, जो बच्चे के जन्म के 11वें दिन (या पहले महीने के भीतर किसी शुभ दिन) किया जाता है। नाम जन्म नक्षत्र के पहले अक्षर, पारिवारिक परंपरा या किसी दैवीय नाम पर आधारित होता है। इसमें पिता बच्चे के दाहिने कान में नाम फुसफुसाते हैं, फिर सूर्य को प्रार्थना, हवन और कुल देवता पूजा होती है।

अंतिम अपडेट: 13 जून 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

बच्चे की पहचान स्थापित होती है, नाम के माध्यम से दैवीय शक्ति से जुड़ाव होता है, सूर्य और कुल देवता का आशीर्वाद मिलता है।

चरण-दर-चरण विधि

नक्षत्र अक्षर के अनुसार नाम चुनें। हवन करें। पिता बच्चे के दाहिने कान में चुना हुआ नाम चार बार फुसफुसाते हैं, फिर कहते हैं "तुम्हारा नाम [नाम] है।" माँ शहद की एक बूँद पिलाती है। बड़े आशीर्वाद देते हैं।

शुभ मुहूर्त

जन्म के 11वें दिन, या पहले महीने में किसी शुभ दिन। अशुभ नक्षत्रों से बचें।

आवश्यक सामग्री

  • ·हवन सामग्री
  • ·शहद
  • ·सोने की अँगूठी (पिता के लिए)
  • ·बच्चे के नए कपड़े
  • ·फूल
  • ·अगरबत्ती
  • ·कलश

सामान्य प्रश्न

प्र.नामकरण संस्कार क्या है?

नामकरण नाम रखने का संस्कार है, सोलह हिंदू संस्कारों में से चौथा, जो बच्चे के जन्म के 11वें दिन (या पहले महीने के भीतर किसी शुभ दिन) किया जाता है। नाम जन्म नक्षत्र के पहले अक्षर, पारिवारिक परंपरा या किसी दैवीय नाम पर आधारित होता है। इसमें पिता बच्चे क...

प्र.नामकरण संस्कार के क्या लाभ हैं?

बच्चे की पहचान स्थापित होती है, नाम के माध्यम से दैवीय शक्ति से जुड़ाव होता है, सूर्य और कुल देवता का आशीर्वाद मिलता है।

प्र.नामकरण संस्कार का सबसे अच्छा समय क्या है?

जन्म के 11वें दिन, या पहले महीने में किसी शुभ दिन। अशुभ नक्षत्रों से बचें।

प्र.नामकरण संस्कार के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?

हवन सामग्री, शहद, सोने की अँगूठी (पिता के लिए), बच्चे के नए कपड़े, फूल, अगरबत्ती, कलश।

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