ग्रह पूजाएं — वैदिक पूजा विधि
मंगल दोष पूजा
संक्षिप्त परिचय
मंगल दोष पूजा मांगलिक दोष के प्रभावों को कम करने के लिए की जाती है — यह वैदिक ज्योतिष की एक स्थिति है जहाँ मंगल ग्रह कुंडली के 1, 2, 4, 7, 8 या 12वें भाव में स्थित होता है। मांगलिक दोष से वैवाहिक कलह, विवाह में विलंब, आक्रामकता, दुर्घटनाएं और गंभीर मामलों में जीवनसाथी को कष्ट हो सकता है। यह पूजा मंगल की अग्नि ऊर्जा को शांत करती है।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
मांगलिक दोष का निवारण होता है और विवाह में बाधाएं दूर होती हैं, आक्रामकता और आवेग कम होते हैं, वैवाहिक संबंधों में सामंजस्य आता है, दुर्घटनाओं और चोटों से बचाव होता है, साहस और अनुशासन सकारात्मक रूप से बढ़ता है, समय पर विवाह होता है।
चरण-दर-चरण विधि
गणेश पूजा से प्रारंभ करें। लाल कपड़े पर मंगल यंत्र स्थापित करें। लाल फूल, मसूर दाल और गुड़ चढ़ाएं। घी का दीपक जलाएं। हनुमान पूजा करें क्योंकि हनुमान मंगल को नियंत्रित करते हैं। मंगल बीज मंत्र "ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः" का 108 बार जाप करें। मंगल स्तोत्र और हनुमान चालीसा पढ़ें। लाल कपड़ा और मसूर दाल दान करें।
शुभ मुहूर्त
मंगलवार को मंगल होरा में, विशेष रूप से मंगल महादशा के दौरान या मांगलिक व्यक्तियों के विवाह से पहले। नवरात्रि भी शुभ है।
आवश्यक सामग्री
- ·मंगल यंत्र
- ·लाल फूल
- ·मसूर दाल
- ·गुड़
- ·लाल वस्त्र
- ·घी का दीपक
- ·अगरबत्ती
- ·हनुमान प्रतिमा या चित्र
- ·मूंगा या लाल कार्नेलियन
- ·सिंदूर
सामान्य प्रश्न
प्र.मंगल दोष पूजा क्या है?
मंगल दोष पूजा मांगलिक दोष के प्रभावों को कम करने के लिए की जाती है — यह वैदिक ज्योतिष की एक स्थिति है जहाँ मंगल ग्रह कुंडली के 1, 2, 4, 7, 8 या 12वें भाव में स्थित होता है। मांगलिक दोष से वैवाहिक कलह, विवाह में विलंब, आक्रामकता, दुर्घटनाएं और गंभीर म...
प्र.मंगल दोष पूजा के क्या लाभ हैं?
मांगलिक दोष का निवारण होता है और विवाह में बाधाएं दूर होती हैं, आक्रामकता और आवेग कम होते हैं, वैवाहिक संबंधों में सामंजस्य आता है, दुर्घटनाओं और चोटों से बचाव होता है, साहस और अनुशासन सकारात्मक रूप से बढ़ता है, समय पर विवाह होता है।
प्र.मंगल दोष पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
मंगलवार को मंगल होरा में, विशेष रूप से मंगल महादशा के दौरान या मांगलिक व्यक्तियों के विवाह से पहले। नवरात्रि भी शुभ है।
प्र.मंगल दोष पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?
मंगल यंत्र, लाल फूल, मसूर दाल, गुड़, लाल वस्त्र, घी का दीपक, अगरबत्ती, हनुमान प्रतिमा या चित्र, मूंगा या लाल कार्नेलियन, सिंदूर।