ग्रह पूजाएं — वैदिक पूजा विधि
नवग्रह पूजा
संक्षिप्त परिचय
नवग्रह पूजा में सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु — सभी नौ ग्रहों की एक साथ आराधना होती है। यह किसी भी बड़े अनुष्ठान से पहले, ग्रह गोचर के समय, या जब जन्म कुंडली में कई ग्रह कष्ट दे रहे हों तब की जाती है। प्रत्येक ग्रह के लिए विशेष रंग, फूल, अनाज और मंत्र होते हैं।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
सभी ग्रहों की पीड़ा शांत होती है, दोष (मंगल, काल सर्प, शनि साढ़े साती) दूर होते हैं, जीवन के सभी क्षेत्रों में संतुलन आता है।
चरण-दर-चरण विधि
नौ अलग-अलग वेदी या एक संयुक्त नवग्रह मंडल तैयार करें। प्रत्येक ग्रह के लिए विशेष रंग के कपड़े पर उनकी प्रतिमा रखें। प्रत्येक ग्रह के लिए विशेष फूल और अनाज चढ़ाएं। प्रत्येक ग्रह के बीज मंत्र का 108 बार जाप करें।
शुभ मुहूर्त
सूर्य आधारित नवग्रह पूजा के लिए रविवार की सुबह। या किसी ग्रह विशेष के गोचर के दिन।
आवश्यक सामग्री
- ·नवग्रह मंडल
- ·नौ रंग के कपड़े
- ·प्रत्येक ग्रह के लिए विशेष अनाज
- ·नौ प्रकार के फूल
- ·घी
- ·अगरबत्ती
- ·नौ प्रकार के फल
सामान्य प्रश्न
प्र.नवग्रह पूजा क्या है?
नवग्रह पूजा में सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु — सभी नौ ग्रहों की एक साथ आराधना होती है। यह किसी भी बड़े अनुष्ठान से पहले, ग्रह गोचर के समय, या जब जन्म कुंडली में कई ग्रह कष्ट दे रहे हों तब की जाती है। प्रत्येक ग्रह के लिए वि...
प्र.नवग्रह पूजा के क्या लाभ हैं?
सभी ग्रहों की पीड़ा शांत होती है, दोष (मंगल, काल सर्प, शनि साढ़े साती) दूर होते हैं, जीवन के सभी क्षेत्रों में संतुलन आता है।
प्र.नवग्रह पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
सूर्य आधारित नवग्रह पूजा के लिए रविवार की सुबह। या किसी ग्रह विशेष के गोचर के दिन।
प्र.नवग्रह पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?
नवग्रह मंडल, नौ रंग के कपड़े, प्रत्येक ग्रह के लिए विशेष अनाज, नौ प्रकार के फूल, घी, अगरबत्ती, नौ प्रकार के फल।