जीवन संस्कार — वैदिक पूजा विधि
जातकर्म संस्कार
संक्षिप्त परिचय
जातकर्म हिंदू धर्म के षोडश संस्कारों में से एक पवित्र जन्म संस्कार है, जो शिशु के जन्म के तुरंत बाद गर्भनाल काटने से पहले किया जाता है। पिता इस अनुष्ठान को नवजात शिशु का अपने परिवार और वंश में स्वागत करने के लिए करता है। इसमें पिता सोने के औजार से शहद और घी में डुबोकर बच्चे की जिह्वा को स्पर्श करता है और वैदिक मंत्रों का उच्चारण करता है, जो शिशु को बुद्धि, दीर्घायु और शक्ति का प्रतीकात्मक वरदान देता है।
अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
आत्मा का परिवार और वंश में स्वागत होता है; बुद्धि, स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए दिव्य आशीर्वाद मिलता है; बच्चे का कुलदेवताओं से संबंध स्थापित होता है; जन्म संबंधी अशुद्धियां दूर होती हैं; नवजात के जीवन यात्रा के लिए पवित्र आध्यात्मिक नींव तैयार होती है।
चरण-दर-चरण विधि
जन्म के तुरंत बाद, पिता एक स्वच्छ सोने के उपकरण (या सोने की अंगूठी) को शहद, घी और वैकल्पिक रूप से सोने की भस्म के मिश्रण में डुबोता है। गृह्यसूत्रों के मंत्रों का उच्चारण करते हुए विष्णु, सूर्य और प्रजापति का आवाहन करके नवजात की जिह्वा को धीरे से स्पर्श करता है। पिता बच्चे के कान में उसका गुप्त नाम फुसफुसाता है और तीन बार फूंकता है। कुलदेवताओं का आवाहन कर आशीर्वाद लिया जाता है।
शुभ मुहूर्त
जन्म के तुरंत बाद — गर्भनाल काटने से पहले। यदि विलंब हो तो पहले दिन के भीतर किया जाना चाहिए। यदि जन्म समय अनुकूल हो तो शुभ लग्न देखा जाता है।
आवश्यक सामग्री
- ·सोने का उपकरण या अंगूठी
- ·शहद
- ·घी (शुद्ध गाय का घी)
- ·स्वच्छ वस्त्र
- ·गंगाजल
- ·अगरबत्ती
- ·छोटा दीपक
- ·देवता के लिए फूल
सामान्य प्रश्न
प्र.जातकर्म संस्कार क्या है?
जातकर्म हिंदू धर्म के षोडश संस्कारों में से एक पवित्र जन्म संस्कार है, जो शिशु के जन्म के तुरंत बाद गर्भनाल काटने से पहले किया जाता है। पिता इस अनुष्ठान को नवजात शिशु का अपने परिवार और वंश में स्वागत करने के लिए करता है। इसमें पिता सोने के औजार से शह...
प्र.जातकर्म संस्कार के क्या लाभ हैं?
आत्मा का परिवार और वंश में स्वागत होता है; बुद्धि, स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए दिव्य आशीर्वाद मिलता है; बच्चे का कुलदेवताओं से संबंध स्थापित होता है; जन्म संबंधी अशुद्धियां दूर होती हैं; नवजात के जीवन यात्रा के लिए पवित्र आध्यात्मिक नींव तैयार होती है।
प्र.जातकर्म संस्कार का सबसे अच्छा समय क्या है?
जन्म के तुरंत बाद — गर्भनाल काटने से पहले। यदि विलंब हो तो पहले दिन के भीतर किया जाना चाहिए। यदि जन्म समय अनुकूल हो तो शुभ लग्न देखा जाता है।
प्र.जातकर्म संस्कार के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?
सोने का उपकरण या अंगूठी, शहद, घी (शुद्ध गाय का घी), स्वच्छ वस्त्र, गंगाजल, अगरबत्ती, छोटा दीपक, देवता के लिए फूल।