विष्णु एवं वैष्णव — वैदिक पूजा विधि
हनुमान पूजा
संक्षिप्त परिचय
हनुमान पूजा भगवान हनुमान — राम के भक्त और शक्ति, साहस और अटल भक्ति के प्रतीक — का आशीर्वाद पाने के लिए की जाती है। मंगलवार, शनिवार और शनि की साढ़े साती जैसे कठिन ग्रह काल में विशेष रूप से पूजा की जाती है। पूजा में सिंदूर, केसर, तेल चढ़ाना और हनुमान चालीसा व बजरंग बाण का पाठ होता है।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
शनि, राहु और केतु की पीड़ा दूर होती है, बुरी आत्माओं से सुरक्षा होती है, शक्ति और साहस मिलता है, बाधाएं दूर होती हैं, विजय सुनिश्चित होती है।
चरण-दर-चरण विधि
घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं। हनुमान प्रतिमा पर सिंदूर लगाएं। लाल फूल, केला और लड्डू चढ़ाएं। हनुमान चालीसा 3, 7 या 11 बार पढ़ें। बजरंग बाण या हनुमान स्तोत्र का पाठ करें।
शुभ मुहूर्त
प्रत्येक मंगलवार और शनिवार। सूर्योदय या सूर्यास्त के समय। हनुमान जयंती पर विशेष रूप से शक्तिशाली।
आवश्यक सामग्री
- ·हनुमान प्रतिमा
- ·सिंदूर
- ·केसर
- ·तिल का तेल
- ·लाल फूल
- ·केला
- ·लड्डू
- ·अगरबत्ती
सामान्य प्रश्न
प्र.हनुमान पूजा क्या है?
हनुमान पूजा भगवान हनुमान — राम के भक्त और शक्ति, साहस और अटल भक्ति के प्रतीक — का आशीर्वाद पाने के लिए की जाती है। मंगलवार, शनिवार और शनि की साढ़े साती जैसे कठिन ग्रह काल में विशेष रूप से पूजा की जाती है। पूजा में सिंदूर, केसर, तेल चढ़ाना और हनुमान च...
प्र.हनुमान पूजा के क्या लाभ हैं?
शनि, राहु और केतु की पीड़ा दूर होती है, बुरी आत्माओं से सुरक्षा होती है, शक्ति और साहस मिलता है, बाधाएं दूर होती हैं, विजय सुनिश्चित होती है।
प्र.हनुमान पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
प्रत्येक मंगलवार और शनिवार। सूर्योदय या सूर्यास्त के समय। हनुमान जयंती पर विशेष रूप से शक्तिशाली।
प्र.हनुमान पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?
हनुमान प्रतिमा, सिंदूर, केसर, तिल का तेल, लाल फूल, केला, लड्डू, अगरबत्ती।