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वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

विष्णु एवं वैष्णव, वैदिक पूजा विधि

तुलसी विवाह

देवता तुलसी (वृंदा देवी) और भगवान विष्णु/शालिग्राम
अवधि 2–3 घंटे
श्रेणी विष्णु एवं वैष्णव

संक्षिप्त परिचय

तुलसी विवाह पवित्र तुलसी (होली बेसिल) के पौधे का भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप से विवाह समारोह है, जो कार्तिक मास की एकादशी या द्वादशी (देवउठनी एकादशी से) पर किया जाता है। यह चातुर्मास के अंत का प्रतीक है जब विष्णु जी अपनी ब्रह्मांडीय निद्रा से जागते हैं। समारोह पूर्ण हिंदू विवाह विधि से होता है।

अंतिम अपडेट: 13 जून 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

कन्या दान के समान पुण्य मिलता है, पाप नष्ट होते हैं, परिवार में सुख-शांति आती है, अविवाहित लड़कियों को अच्छा वर मिलता है।

चरण-दर-चरण विधि

तुलसी के पौधे को हल्दी और लाल कपड़े से दुल्हन की तरह सजाएं। शालिग्राम पत्थर रखें। माला पहनाने और मौली बाँधने सहित पूरी विवाह विधि करें। मिठाई और फल चढ़ाएं। आरती करें।

शुभ मुहूर्त

कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवउठनी एकादशी) से पूर्णिमा तक। सूर्यास्त के बाद संध्या काल।

आवश्यक सामग्री

  • ·तुलसी का पौधा
  • ·शालिग्राम पत्थर
  • ·गन्ने के डंठल
  • ·हल्दी
  • ·लाल कपड़ा
  • ·फूल
  • ·मिठाई
  • ·आँवले

सामान्य प्रश्न

प्र.तुलसी विवाह क्या है?

तुलसी विवाह पवित्र तुलसी (होली बेसिल) के पौधे का भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप से विवाह समारोह है, जो कार्तिक मास की एकादशी या द्वादशी (देवउठनी एकादशी से) पर किया जाता है। यह चातुर्मास के अंत का प्रतीक है जब विष्णु जी अपनी ब्रह्मांडीय निद्रा से जा...

प्र.तुलसी विवाह के क्या लाभ हैं?

कन्या दान के समान पुण्य मिलता है, पाप नष्ट होते हैं, परिवार में सुख-शांति आती है, अविवाहित लड़कियों को अच्छा वर मिलता है।

प्र.तुलसी विवाह का सबसे अच्छा समय क्या है?

कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवउठनी एकादशी) से पूर्णिमा तक। सूर्यास्त के बाद संध्या काल।

प्र.तुलसी विवाह के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?

तुलसी का पौधा, शालिग्राम पत्थर, गन्ने के डंठल, हल्दी, लाल कपड़ा, फूल, मिठाई, आँवले।

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