विष्णु एवं वैष्णव — वैदिक पूजा विधि
राम पूजा
संक्षिप्त परिचय
राम पूजा भगवान श्री राम — विष्णु के सातवें अवतार, आदर्श राजा (मर्यादा पुरुषोत्तम) और धर्म, सत्य और न्याय के सर्वोच्च स्वरूप — की पवित्र आराधना है। पूजा में राम नाम, रामचरितमानस या राम रक्षा स्तोत्र का पाठ और तुलसी, कमल के फूल, केसर अर्पित किए जाते हैं।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
धार्मिकता और नैतिक शक्ति मिलती है, बाधाएं और शत्रु दूर होते हैं, बुराई पर विजय मिलती है, परिवार की रक्षा होती है, शांति और समृद्धि आती है तथा भक्ति के माध्यम से आध्यात्मिक मुक्ति प्राप्त होती है।
चरण-दर-चरण विधि
राम-सीता-लक्ष्मण-हनुमान की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। तुलसी, कमल के फूल, केसर लेप और पीला वस्त्र अर्पित करें। घी का दीपक और अगरबत्ती जलाएं। राम नाम (श्री राम जय राम जय जय राम) 108 बार जपें या राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें। आरती करें और मिठाई प्रसाद बांटें।
शुभ मुहूर्त
राम नवमी (चैत्र शुक्ल नवमी), प्रत्येक मंगलवार और शनिवार, चैत्र मास की पूर्णिमा। राम नवमी पर दोपहर का समय सर्वोत्तम।
आवश्यक सामग्री
- ·राम-सीता प्रतिमा या चित्र
- ·तुलसी पत्ते
- ·कमल के फूल
- ·केसर
- ·पीला वस्त्र
- ·घी का दीपक
- ·अगरबत्ती
- ·मिठाई
- ·पंचामृत
सामान्य प्रश्न
प्र.राम पूजा क्या है?
राम पूजा भगवान श्री राम — विष्णु के सातवें अवतार, आदर्श राजा (मर्यादा पुरुषोत्तम) और धर्म, सत्य और न्याय के सर्वोच्च स्वरूप — की पवित्र आराधना है। पूजा में राम नाम, रामचरितमानस या राम रक्षा स्तोत्र का पाठ और तुलसी, कमल के फूल, केसर अर्पित किए जाते है...
प्र.राम पूजा के क्या लाभ हैं?
धार्मिकता और नैतिक शक्ति मिलती है, बाधाएं और शत्रु दूर होते हैं, बुराई पर विजय मिलती है, परिवार की रक्षा होती है, शांति और समृद्धि आती है तथा भक्ति के माध्यम से आध्यात्मिक मुक्ति प्राप्त होती है।
प्र.राम पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
राम नवमी (चैत्र शुक्ल नवमी), प्रत्येक मंगलवार और शनिवार, चैत्र मास की पूर्णिमा। राम नवमी पर दोपहर का समय सर्वोत्तम।
प्र.राम पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?
राम-सीता प्रतिमा या चित्र, तुलसी पत्ते, कमल के फूल, केसर, पीला वस्त्र, घी का दीपक, अगरबत्ती, मिठाई, पंचामृत।