विष्णु एवं वैष्णव — वैदिक पूजा विधि
विष्णु पूजा
संक्षिप्त परिचय
विष्णु पूजा भगवान विष्णु — ब्रह्मांड के पालनकर्ता और रक्षक — का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए की जाने वाली पवित्र वैष्णव पूजा है। भक्त तुलसी पत्ते, पीले फूल, पंचामृत अर्पित करते हैं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते हैं। एकादशी, पूर्णिमा और चातुर्मास के दौरान विशेष रूप से की जाती है।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
दिव्य सुरक्षा मिलती है, पाप नष्ट होते हैं, समृद्धि और स्वास्थ्य प्राप्त होता है, आध्यात्मिक इच्छाएं पूरी होती हैं, मोक्ष की प्राप्ति होती है और पारिवारिक जीवन में शांति आती है।
चरण-दर-चरण विधि
स्वच्छ वेदी पर विष्णु प्रतिमा या शालिग्राम स्थापित करें। पंचामृत से अभिषेक करें। तुलसी पत्ते, पीले फूल, फल और पीला वस्त्र अर्पित करें। अगरबत्ती और घी का दीपक जलाएं। विष्णु सहस्रनाम या ॐ नमो नारायणाय 108 बार जपें। आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
शुभ मुहूर्त
एकादशी, पूर्णिमा, गुरुवार और चातुर्मास (आषाढ़ से कार्तिक) के दौरान। सूर्योदय पर करना सर्वोत्तम है।
आवश्यक सामग्री
- ·विष्णु प्रतिमा या शालिग्राम
- ·तुलसी पत्ते
- ·पीले फूल
- ·पंचामृत सामग्री
- ·पीला वस्त्र
- ·अगरबत्ती
- ·घी का दीपक
- ·फल
- ·नारियल
सामान्य प्रश्न
प्र.विष्णु पूजा क्या है?
विष्णु पूजा भगवान विष्णु — ब्रह्मांड के पालनकर्ता और रक्षक — का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए की जाने वाली पवित्र वैष्णव पूजा है। भक्त तुलसी पत्ते, पीले फूल, पंचामृत अर्पित करते हैं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते हैं। एकादशी, पूर्णिमा और चातुर्मास के ...
प्र.विष्णु पूजा के क्या लाभ हैं?
दिव्य सुरक्षा मिलती है, पाप नष्ट होते हैं, समृद्धि और स्वास्थ्य प्राप्त होता है, आध्यात्मिक इच्छाएं पूरी होती हैं, मोक्ष की प्राप्ति होती है और पारिवारिक जीवन में शांति आती है।
प्र.विष्णु पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
एकादशी, पूर्णिमा, गुरुवार और चातुर्मास (आषाढ़ से कार्तिक) के दौरान। सूर्योदय पर करना सर्वोत्तम है।
प्र.विष्णु पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?
विष्णु प्रतिमा या शालिग्राम, तुलसी पत्ते, पीले फूल, पंचामृत सामग्री, पीला वस्त्र, अगरबत्ती, घी का दीपक, फल, नारियल।