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वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

पवित्र हवन, वैदिक पूजा विधि

गणेश हवन

देवता भगवान गणेश
अवधि 2–3 घंटे
श्रेणी पवित्र हवन

संक्षिप्त परिचय

गणेश हवन भगवान गणेश को आमंत्रित करने के लिए किया जाने वाला पवित्र अग्नि अनुष्ठान है जो विघ्नों को दूर करते हैं और शुभता प्रदान करते हैं। गणपति मंत्र और गणेश अथर्वशीर्ष के उच्चारण के साथ अग्नि में मोदक, दूर्वा घास, लाल फूल और घी की आहुति दी जाती है। यह किसी भी नए उद्यम की शुरुआत में, बड़े समारोहों से पहले, गणेश चतुर्थी पर और जब भी जीवन में बाधाएं दूर करनी हों, किया जाता है।

अंतिम अपडेट: 18 अगस्त 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

नए कार्यों से पहले सभी बाधाएं दूर होती हैं; व्यवसाय, शिक्षा और व्यक्तिगत प्रयासों में सफलता मिलती है; वातावरण शुद्ध होता है; सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा आती है; घर को दिव्य सुरक्षा मिलती है।

चरण-दर-चरण विधि

हवन कुंड तैयार करें और स्थान को शुद्ध करें। पूर्व की ओर गणेश प्रतिमा या यंत्र स्थापित करें। वैदिक मंत्रों से गणेश का आवाहन करें। "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र के साथ 108 या 1008 बार दूर्वा घास, मोदक, लाल फूल और घी की आहुति दें। गणेश अथर्वशीर्ष पाठ, पूर्णाहुति और प्रसाद वितरण के साथ समाप्त करें।

शुभ मुहूर्त

गणेश चतुर्थी, हर पक्ष की चतुर्थी, बुधवार, या किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत से पहले। शुक्ल पक्ष की सुबह का समय सर्वाधिक शुभ है।

आवश्यक सामग्री

  • ·हवन कुंड
  • ·आम की लकड़ी (समिधा)
  • ·घी
  • ·दूर्वा घास
  • ·मोदक
  • ·लाल फूल (गुड़हल)
  • ·गणेश प्रतिमा या यंत्र
  • ·तिल
  • ·नारियल
  • ·गुड़
  • ·अगरबत्ती
  • ·कपूर

सामान्य प्रश्न

प्र.गणेश हवन क्या है?

गणेश हवन भगवान गणेश को आमंत्रित करने के लिए किया जाने वाला पवित्र अग्नि अनुष्ठान है जो विघ्नों को दूर करते हैं और शुभता प्रदान करते हैं। गणपति मंत्र और गणेश अथर्वशीर्ष के उच्चारण के साथ अग्नि में मोदक, दूर्वा घास, लाल फूल और घी की आहुति दी जाती है। य...

प्र.गणेश हवन के क्या लाभ हैं?

नए कार्यों से पहले सभी बाधाएं दूर होती हैं; व्यवसाय, शिक्षा और व्यक्तिगत प्रयासों में सफलता मिलती है; वातावरण शुद्ध होता है; सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा आती है; घर को दिव्य सुरक्षा मिलती है।

प्र.गणेश हवन का सबसे अच्छा समय क्या है?

गणेश चतुर्थी, हर पक्ष की चतुर्थी, बुधवार, या किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत से पहले। शुक्ल पक्ष की सुबह का समय सर्वाधिक शुभ है।

प्र.गणेश हवन के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?

हवन कुंड, आम की लकड़ी (समिधा), घी, दूर्वा घास, मोदक, लाल फूल (गुड़हल), गणेश प्रतिमा या यंत्र, तिल, नारियल, गुड़, अगरबत्ती, कपूर।

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