माता वैष्णो देवी · भक्ति गीत
वैष्णो देवी आरती
Vaishno Devi Aarti
वैष्णो देवी आरती जम्मू की त्रिकूट पर्वत की पवित्र गुफा में विराजमान माता वैष्णो देवी को समर्पित है। भारत के सर्वाधिक दर्शित तीर्थस्थलों में से एक, यह आरती उनके तीन रूपों, महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती, का आह्वान करती है।
अंतिम अपडेट: 13 मई 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
वैष्णो देवी आरती के लाभ
- ·ह्रदय की गहरी मनोकामनाओं की पूर्ति
- ·बुराई और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा
- ·तीनों शक्तियों, शक्ति, समृद्धि और ज्ञान, का आशीर्वाद
- ·वैष्णो देवी यात्रा के समतुल्य पुण्य
पाठ का सर्वोत्तम समय
नवरात्रि (चैत्र और शारदीय दोनों), अष्टमी और नवमी पर और किसी भी शुक्रवार की संध्या में।
वैष्णो देवी आरती, संपूर्ण पाठ
॥ माता वैष्णो देवी की आरती ॥
टेक
जय वैष्णो माता, मैया जय वैष्णो माता। त्रिकूट पर्वत राजे, जग की सुखदाता॥
॥ 1 ॥
महाकाली महालक्ष्मी महासरस्वती माता। तीन पिण्डी रूप धरे, जग की सुखदाता॥ जय वैष्णो माता, मैया जय वैष्णो माता। त्रिकूट पर्वत राजे, जग की सुखदाता॥
॥ 2 ॥
अर्द्धकुआरी बीच में, भैरव से बचाई। कटरा से चलकर आए, भक्त शरण पाई॥ जय वैष्णो माता, मैया जय वैष्णो माता। त्रिकूट पर्वत राजे, जग की सुखदाता॥
॥ 3 ॥
जो भी नर नारी आवे, खाली न जाने पाए। मनोकामना पूरी करे माँ, जय-जयकार गाए॥ जय वैष्णो माता, मैया जय वैष्णो माता। त्रिकूट पर्वत राजे, जग की सुखदाता॥
सामान्य प्रश्न
प्र.वैष्णो देवी तीन पिंडियों के रूप में क्यों हैं?
गुफा में तीन प्राकृतिक पत्थर (पिंडियाँ) महाकाली (शक्ति), महालक्ष्मी (समृद्धि) और महासरस्वती (ज्ञान) का प्रतिनिधित्व करती हैं, एक ही पवित्र स्थान में त्रिदेवी के तीन रूप।
प्र.क्या यात्रा की जगह घर पर वैष्णो देवी आरती कर सकते हैं?
हाँ। घर पर, विशेषकर नवरात्रि में, श्रद्धा के साथ वैष्णो देवी आरती करना महान आध्यात्मिक पुण्य देता है। यह उन लोगों के लिए माँ से जुड़ने का मार्ग है जो शारीरिक यात्रा नहीं कर पाते।