श्री गणेश जी · भक्ति गीत
जय गणेश जय गणेश आरती
Jai Ganesh Aarti
जय गणेश आरती भगवान गणेश को समर्पित सबसे लोकप्रिय भक्ति-स्तुति है। हर पूजा और समारोह की शुरुआत में गाई जाने वाली यह आरती सफलता, ज्ञान और शुभ आरंभ के लिए गणेश जी का आशीर्वाद माँगती है।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
जय गणेश जय गणेश आरती के लाभ
- ·किसी भी नए कार्य से पहले बाधाओं का निवारण
- ·शिक्षा और परीक्षा में सफलता
- ·व्यापारिक समृद्धि और आर्थिक वृद्धि
- ·समारोहों का शुभ आरंभ
पाठ का सर्वोत्तम समय
प्रत्येक पूजा से पहले, बुधवार, चतुर्थी और गणेश चतुर्थी पर।
जय गणेश जय गणेश आरती — संपूर्ण पाठ
॥ श्री गणेश जी की आरती ॥
टेक
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
॥ 1 ॥
एकदंत दयावंत चार भुजाधारी। माथे पर सिंदूर सोहे मूषे की सवारी॥ जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
॥ 2 ॥
अंधन को आँख देत कोढ़िन को काया। बाँझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥ जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
॥ 3 ॥
सूर श्याम शरण आये सफल कीजे सेवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥ जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
॥ 4 ॥
दीनन की लाज रखो शंभु सुतकारी। कामना को पूर्ण करो जय बलिहारी॥ जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
सामान्य प्रश्न
प्र.हर पूजा में गणेश आरती पहले क्यों गाई जाती है?
भगवान गणेश विघ्नहर्ता और प्रथमेश हैं। वैदिक परंपरा में गणेश पूजन के बिना शुरू किया गया कोई भी कार्य बाधित हो सकता है। पहले उनकी आरती गाने से सभी अगली प्रार्थनाओं का मार्ग शुभ और निर्बाध हो जाता है।
प्र.जय गणेश आरती कब गाएँ?
किसी भी पूजा या समारोह से पहले। बुधवार, प्रत्येक चतुर्थी और गणेश चतुर्थी विशेष शुभ हैं। अनेक परिवार इसे प्रतिदिन सूर्योदय और सूर्यास्त पर गाते हैं।