माँ अम्बे / दुर्गा · भक्ति गीत
जय अम्बे गौरी आरती
Jai Ambe Gauri Aarti
जय अम्बे गौरी माँ दुर्गा की सर्वाधिक प्रिय आरती है, जो पूरे भारत में विशेष रूप से नवरात्रि में गाई जाती है। यह जगत माता को उनके सभी रूपों — गौरी, अम्बिका, जगदम्बा — में प्रणाम करती है।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
जय अम्बे गौरी आरती के लाभ
- ·सभी बुरी शक्तियों से रक्षा
- ·सच्ची प्रार्थनाओं और मनोकामनाओं की पूर्ति
- ·विपरीत परिस्थितियों में शक्ति और साहस
- ·जगत माता का समृद्धि का आशीर्वाद
पाठ का सर्वोत्तम समय
नवरात्रि की नौ रातें, शुक्रवार की शाम और प्रतिदिन संध्या पूजा में।
जय अम्बे गौरी आरती — संपूर्ण पाठ
॥ जय अम्बे गौरी आरती ॥
टेक
जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी॥
॥ 1 ॥
माँग सिंदूर बिराजत टीको मृगमद को। उज्ज्वल से दोऊ नैना चंद्रवदन नीको॥ जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी॥
॥ 2 ॥
कनक समान कलेवर रक्तांबर राजे। रक्त पुष्प गल माला कंठन पर साजे॥ जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी॥
॥ 3 ॥
केहरि वाहन राजत खड्ग खप्परधारी। सुर-नर-मुनिजन सेवत तिनके दुखहारी॥ जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी॥
॥ 4 ॥
कानन कुंडल शोभित नासाग्रे मोती। कोटिक चंद्र दिवाकर सम राजत ज्योति॥ जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी॥
॥ 5 ॥
शंभु निशंभु बिडारे महिषासुर घाती। धूम्र विलोचन नैना निशदिन मदमाती॥ जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी॥
॥ 6 ॥
चौंसठ योगिनी गावत नृत्य करत भैरों। बाजत ताल मृदंगा अरु बाजत डमरू॥ जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी॥
॥ 7 ॥
भुजा चार अति शोभित खड्ग खप्परधारी। मनवांछित फल पावत सेवत नर-नारी॥ जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी॥
॥ 8 ॥
कंचन थाल विराजत अगर कपूर बाती। श्री मालकेतु में राजत कोटि रतन ज्योती॥ जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी॥
॥ 9 ॥
श्री अम्बेजी की आरती जो कोई नर गावे। कहत शिवानंद स्वामी सुख-संपत्ति पावे॥ जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी॥
सामान्य प्रश्न
प्र.जय अम्बे गौरी आरती गाने से क्या लाभ होता है?
यह आरती जगत माता का संरक्षण, शक्ति और कृपा माँगती है। नित्य पाठ से भय दूर होता है, साहस मिलता है, बुरी शक्तियों से रक्षा होती है और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
प्र.क्या पुरुष जय अम्बे गौरी आरती गा सकते हैं?
हाँ, बिल्कुल। माँ दुर्गा सार्वभौमिक माता हैं और सभी की भक्ति का स्वागत करती हैं। यह आरती सभी — पुरुष, महिला, बच्चे — गा सकते हैं।