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श्री हनुमान जी · भक्ति गीत

हनुमान आरती — आरती कीजै हनुमान लला की

Hanuman Aarti — Jai Hanuman Gyan Gun Sagar

देवताश्री हनुमान जी
प्रकारआरती (भक्ति गीत)
भाषाहिंदी (देवनागरी)

हनुमान आरती भक्ति, शक्ति और सुरक्षा के प्रतीक श्री हनुमान जी की स्तुति है। मंगलवार और शनिवार को, हनुमान चालीसा के बाद गाई जाने वाली यह आरती साहस, स्वास्थ्य और सभी बाधाओं के निवारण के लिए हनुमान जी का आशीर्वाद माँगती है।

अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत

हनुमान आरती — आरती कीजै हनुमान लला की के लाभ

  • ·कठिन समय में साहस और शक्ति
  • ·बुरी शक्तियों और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा
  • ·स्वास्थ्य और शारीरिक स्फूर्ति
  • ·शनि दोष और राहु-केतु काल से राहत

पाठ का सर्वोत्तम समय

मंगलवार और शनिवार, हनुमान चालीसा के बाद और हनुमान जयंती पर।

हनुमान आरती — आरती कीजै हनुमान लला की — संपूर्ण पाठ

॥ श्री हनुमान जी की आरती ॥

टेक

आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥

1

जाके बल से गिरिवर काँपे। रोग-दोष जाके निकट न झाँके॥ आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥

2

अंजनि पुत्र महा बलदाई। संतन के प्रभु सदा सहाई॥ आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥

3

दे बीड़ा रघुपति मुनि की लंका जारि। निशिचर दल को मारि बिरिद बखानी॥ आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥

4

लंका सो कोट समुद्र-सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई॥ आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥

5

लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आनि संजीवन प्राण उबारे॥ आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥

6

पैठि पाताल तोरि जमकारे। अहिरावण की भुजा उखारे॥ आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥

7

बायें भुज असुर संहारे। दाहिने भुज संत जन तारे॥ आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥

8

सुर-नर-मुनि जन आरति गावैं। जय जय जय हनुमान उचावैं॥ आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥

सामान्य प्रश्न

प्र.क्या हनुमान आरती, हनुमान चालीसा के बाद गाएँ?

हाँ — पारंपरिक क्रम है: पहले हनुमान चालीसा (40 चौपाइयाँ), फिर हनुमान आरती, फिर समापन प्रार्थना। यह पूर्ण क्रम हनुमान जी के पूर्ण आशीर्वाद और सुरक्षा का आह्वान करता है।

प्र.क्या महिलाएँ हनुमान आरती गा सकती हैं?

हाँ। कुछ क्षेत्रीय परंपराओं में विशेष अवधियों में महिलाओं के हनुमान मंदिर प्रवेश पर प्रतिबंध हो सकता है, परंतु घर पर हनुमान आरती गाने या हनुमान चालीसा पढ़ने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

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