भगवान वेंकटेश्वर (बालाजी) · भक्ति गीत
तिरुपति बालाजी आरती
Tirupati Balaji Aarti
देवताभगवान वेंकटेश्वर (बालाजी)
प्रकारआरती (भक्ति गीत)
भाषाहिंदी (देवनागरी)
तिरुपति बालाजी आरती आंध्र प्रदेश की तिरुमला पहाड़ियों में विराजमान भगवान वेंकटेश्वर के सम्मान में गाई जाती है। विश्व के सबसे धनी मंदिर में प्रतिदिन 50,000+ श्रद्धालु आते हैं।
अंतिम अपडेट: 13 जून 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
तिरुपति बालाजी आरती के लाभ
- ·मनोकामनाओं की पूर्ति
- ·अपार धन और समृद्धि
- ·भक्ति से मोक्ष
- ·तिरुपति यात्रा का पुण्य
पाठ का सर्वोत्तम समय
प्रतिदिन सूर्योदय पर, गुरुवार और ब्रह्मोत्सव के दौरान।
तिरुपति बालाजी आरती, संपूर्ण पाठ
॥ श्री वेंकटेश्वर (बालाजी) जी की आरती ॥
टेक
जय जय तिरुपति बालाजी, वेंकटेश्वर भगवान। कलयुग के देव तुम, भव-भय-हारण कान॥
॥ 1 ॥
सात पहाड़ों पर विराजे, सुंदर रूप धरे। सेषाचल पर बिराजे प्रभु, लक्ष्मी संग खड़े॥
सामान्य प्रश्न
प्र.क्या तिरुपति बालाजी विष्णु या कृष्ण के समान हैं?
तिरुपति बालाजी को भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है। वे तिरुमला पहाड़ियों पर खड़ी मुद्रा में विराजमान हैं।