भगवान सूर्य देव · भक्ति गीत
सूर्य आरती
Surya Aarti
देवताभगवान सूर्य देव
प्रकारआरती (भक्ति गीत)
भाषाहिंदी (देवनागरी)
सूर्य आरती भगवान सूर्य देव की भक्ति स्तुति है। सूर्योदय के समय पूर्व दिशा में गाई जाने वाली यह आरती ऊर्जा और सफलता देती है।
अंतिम अपडेट: 17 अगस्त 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
सूर्य आरती के लाभ
- ·शारीरिक ऊर्जा और स्वास्थ्य
- ·तीव्र दृष्टि
- ·आत्मविश्वास और नेतृत्व
- ·करियर में सफलता
पाठ का सर्वोत्तम समय
प्रतिदिन सूर्योदय पर पूर्व मुखी होकर। रविवार सुबह। छठ पूजा में विशेष।
सूर्य आरती, संपूर्ण पाठ
॥ श्री सूर्य देव जी की आरती ॥
टेक
जय जय जय सूर्य भगवान। जय कश्यप-नंदन जय भास्करवान॥
॥ 1 ॥
सात अश्वों पर रथ साजे, द्वादश रूप धरे। सूर्य देव की महिमा, वेद-शास्त्र कहें॥
सामान्य प्रश्न
प्र.क्या स्नान किए बिना सूर्य आरती गा सकते हैं?
आदर्श रूप से स्नान के बाद गाएं। यदि संभव न हो तो हाथ-मुँह धोकर पूर्व दिशा में गाएं। भावना और भक्ति सर्वोपरि है।