भगवान सूर्य देव · भक्ति गीत
सूर्य आरती
Surya Aarti
सूर्य आरती भगवान सूर्य देव की भक्ति स्तुति है। सूर्योदय के समय पूर्व दिशा में गाई जाने वाली यह आरती ऊर्जा और सफलता देती है।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
सूर्य आरती के लाभ
- ·शारीरिक ऊर्जा और स्वास्थ्य
- ·तीव्र दृष्टि
- ·आत्मविश्वास और नेतृत्व
- ·करियर में सफलता
पाठ का सर्वोत्तम समय
प्रतिदिन सूर्योदय पर पूर्व मुखी होकर। रविवार सुबह। छठ पूजा में विशेष।
सूर्य आरती — संपूर्ण पाठ
॥ श्री सूर्य देव जी की आरती ॥
टेक
जय जय जय सूर्य भगवान। जय कश्यप-नंदन जय भास्करवान॥
॥ 1 ॥
सात अश्वों पर रथ साजे, द्वादश रूप धरे। सूर्य देव की महिमा, वेद-शास्त्र कहें॥
सामान्य प्रश्न
प्र.क्या स्नान किए बिना सूर्य आरती गा सकते हैं?
आदर्श रूप से स्नान के बाद गाएं। यदि संभव न हो तो हाथ-मुँह धोकर पूर्व दिशा में गाएं। भावना और भक्ति सर्वोपरि है।
अन्य आरतियाँ
जय गणेश जय गणेश आरती
Jai Ganesh Aarti
जय अम्बे गौरी आरती
Jai Ambe Gauri Aarti
ॐ जय शिव ओंकारा आरती
Om Jai Shiv Omkara Aarti
ॐ जय जगदीश हरे आरती
Om Jai Jagdish Hare Aarti
लक्ष्मी आरती — जय लक्ष्मी माता
Lakshmi Aarti — Jai Lakshmi Mata
हनुमान आरती — आरती कीजै हनुमान लला की
Hanuman Aarti — Jai Hanuman Gyan Gun Sagar