श्री सीता-राम जी · भक्ति गीत
श्री सीताराम जी की आरती
Sita Ram Aarti
सीताराम आरती भगवान राम और माता सीता के दिव्य मिलन को समर्पित भक्ति-स्तुति है। ये हिंदू परंपरा का आदर्श दंपती और धर्म, प्रेम और पवित्रता के प्रतीक हैं। भारत के घरों और मंदिरों में व्यापक रूप से गाई जाने वाली यह आरती वैवाहिक सौहार्द, धर्मपरायण जीवन और आध्यात्मिक मुक्ति के लिए सीता-राम का आशीर्वाद माँगती है।
अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
श्री सीताराम जी की आरती के लाभ
- ·सुखी और सौहार्दपूर्ण वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद
- ·धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की शक्ति
- ·मन की शांति और दुख-कष्टों का निवारण
- ·राम-भक्ति से मोक्ष (मुक्ति) की प्राप्ति
पाठ का सर्वोत्तम समय
राम नवमी, विवाह पंचमी, मंगलवार और शनिवार की संध्या, और प्रतिदिन प्रातःकाल पूजा में।
श्री सीताराम जी की आरती — संपूर्ण पाठ
॥ श्री सीताराम जी की आरती ॥
टेक
जय सीताराम जय जय सीताराम। सीता-संग रघुनंदन, अभिराम अभिराम॥
॥ 1 ॥
दशरथ-नंदन राघव, कौशल्या के लाला। जनकसुता संग राजे, शोभित मृदु भाला॥ जय सीताराम जय जय सीताराम। सीता-संग रघुनंदन, अभिराम अभिराम॥
॥ 2 ॥
लक्ष्मण संग चले वन, सीता साथ आईं। धर्म की राह पकड़ी, विपदा न घबराईं॥ जय सीताराम जय जय सीताराम। सीता-संग रघुनंदन, अभिराम अभिराम॥
॥ 3 ॥
रावण-वध कर आए, सीता को छुड़ाया। अयोध्या में राज-तिलक, जग ने हर्ष मनाया॥ जय सीताराम जय जय सीताराम। सीता-संग रघुनंदन, अभिराम अभिराम॥
सामान्य प्रश्न
प्र.सीता और राम की एक साथ पूजा क्यों की जाती है?
वैष्णव परंपरा में सीता और राम अभिन्न हैं — सीता राम की शक्ति हैं और उनके बिना राम अपूर्ण हैं। साथ में वे पुरुष (चेतना) और प्रकृति के आदर्श मिलन का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी एक साथ उपासना से राम की शक्ति और सीता की करुणा और कृपा दोनों एक साथ प्राप्त होती हैं।
प्र.विवाह पंचमी का क्या महत्व है?
मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को मनाई जाने वाली विवाह पंचमी जनकपुर में राम और सीता के दिव्य विवाह की स्मृति में मनाई जाती है। इस दिन सीताराम आरती गाना और वैवाहिक सुख के लिए आशीर्वाद माँगना सबसे शुभ माना जाता है। अनेक दंपती इस दिन साथ पूजा करते हैं।
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