भगवान शिव · भक्ति गीत
शिव आरती
Shiv Aarti
शिव आरती भगवान शिव को समर्पित भक्ति स्तुति है। महाशिवरात्रि, श्रावण माह और दैनिक शिव पूजा में गाई जाने वाली यह आरती स्वास्थ्य, मोक्ष और रक्षा का आशीर्वाद देती है।
अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
शिव आरती के लाभ
- ·नकारात्मक कर्म और पापों का नाश
- ·दीर्घ रोगों से मुक्ति
- ·जन्म-मृत्यु के चक्र से मोक्ष
- ·बुरी शक्तियों से रक्षा
पाठ का सर्वोत्तम समय
महाशिवरात्रि, प्रत्येक सोमवार, श्रावण माह और प्रदोष काल (संध्या समय)।
शिव आरती — संपूर्ण पाठ
॥ श्री शिव जी की आरती ॥
टेक
जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
॥ 1 ॥
एकानन चतुरानन पंचानन राजे। हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे॥ जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा॥
॥ 2 ॥
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे। त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे॥ जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा॥
॥ 3 ॥
अक्षमाला वनमाला रुण्डमाला धारी। चंदन मृगमद सोहे भाले शशिधारी॥ जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा॥
सामान्य प्रश्न
प्र.शिव आरती के लिए सबसे अच्छा दिन कौन सा है?
सोमवार शिव आरती के लिए सबसे शुभ दिन है। महाशिवरात्रि और श्रावण माह के प्रत्येक दिन विशेष रूप से शक्तिशाली हैं।
प्र.शिव आरती का क्या महत्व है?
शिव आरती भगवान शिव का आह्वान करती है जो अहंकार और अज्ञान के नाशक हैं। नियमित गायन से कर्म शुद्धि, रोग निवारण और अंततः मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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