भगवान शनि देव · भक्ति गीत
शनि आरती
Shani Aarti
शनि आरती भगवान शनि देव की भक्ति स्तुति है। शनिवार को गाई जाने वाली यह आरती साढ़ेसाती की कठोरता को कम करती है।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
शनि आरती के लाभ
- ·शनि के अशुभ प्रभावों की शांति
- ·साढ़ेसाती से राहत
- ·करियर और वित्त में स्थिरता
- ·कर्मिक न्याय
पाठ का सर्वोत्तम समय
शनिवार शाम। शनि अमावस्या पर। सरसों का तेल चढ़ाते समय।
शनि आरती — संपूर्ण पाठ
॥ शनि देव जी की आरती ॥
टेक
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी। सूर्य-पुत्र प्रभु छाया महतारी॥
॥ 1 ॥
श्याम अंग वक्र दृष्टि चतुर्भुज धारी। नीलांबर धार नाथ गज की सवारी॥
सामान्य प्रश्न
प्र.क्या शनि आरती के दौरान सरसों का तेल चढ़ाना चाहिए?
हाँ — शनिवार को सरसों का तेल भगवान शनि को चढ़ाना पारंपरिक प्रथा है जो शनि को प्रसन्न करती है।
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