श्री राम लला, अयोध्या · भक्ति गीत
राम लला आरती
Ram Lalla Aarti
राम लला आरती अयोध्या के नवनिर्मित राम मंदिर में श्री राम के बाल रूप, राम लला, को समर्पित भजन है। 22 जनवरी 2024 को हुई प्राण-प्रतिष्ठा ने इस आरती को ऐतिहासिक आध्यात्मिक महत्व दिया।
अंतिम अपडेट: 17 अगस्त 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
राम लला आरती के लाभ
- ·भगवान राम के बाल रूप का दिव्य आशीर्वाद
- ·दीर्घकालीन इच्छाओं और प्रार्थनाओं की पूर्ति
- ·घर में शांति, सामंजस्य और धर्म
- ·अयोध्या राम मंदिर के दर्शनार्थियों को विशेष कृपा
पाठ का सर्वोत्तम समय
राम नवमी, अयोध्या राम मंदिर की प्रतिदिन की आरती, तथा प्रत्येक मंगलवार और शनिवार।
राम लला आरती, संपूर्ण पाठ
॥ श्री राम लला आरती ॥
टेक
जय जय राम लला, जय राम लला। अयोध्या के राजकुमार, मंगलमय दला॥
॥ 1 ॥
कोसल-नंदन सुंदर, दशरथ के लाल। कौशल्या के आँगन, खेले नंद-बाल॥ जय जय राम लला, जय राम लला। अयोध्या के राजकुमार, मंगलमय दला॥
॥ 2 ॥
रघुकुल-दीपक बालक, तेज अपरंपार। सरयू-तट पर शोभित, मणि-मंदिर द्वार॥ जय जय राम लला, जय राम लला। अयोध्या के राजकुमार, मंगलमय दला॥
॥ 3 ॥
पाँच सौ वर्षों की तप-साधना फली। जनम-भूमि पर प्रतिष्ठित, ज्योति अमर जली॥ जय जय राम लला, जय राम लला। अयोध्या के राजकुमार, मंगलमय दला॥
॥ 4 ॥
भक्त-कोटि की विनती स्वीकार करो राम। घर-घर में बसो प्रभु, पूरा करो काम॥ जय जय राम लला, जय राम लला। अयोध्या के राजकुमार, मंगलमय दला॥
सामान्य प्रश्न
प्र.अयोध्या राम मंदिर में राम लला का क्या महत्व है?
राम लला भगवान राम के दिव्य बाल रूप हैं, अयोध्या के नवनिर्मित राम मंदिर के मुख्य देवता। 22 जनवरी 2024 की प्राण-प्रतिष्ठा एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन था। यह मूर्ति राम को 5 वर्षीय बालक के रूप में दर्शाती है, दिव्य निर्दोषता और 500 वर्षों की भक्ति-साधना की पूर्ति का प्रतीक।
प्र.राम लला आरती गाने का सर्वोत्तम समय कब है?
राम नवमी (भगवान राम की जन्म-वर्षगांठ) सर्वाधिक शुभ दिन है। अयोध्या राम मंदिर में प्रतिदिन पाँच आरतियाँ होती हैं। घर-पूजन के लिए मंगलवार और शनिवार की सुबह विशेष शुभ हैं।