पृथ्वी माता (भूमि देवी) · भक्ति गीत
पृथ्वी माता आरती
Prithvi Mata Aarti
पृथ्वी माता आरती पृथ्वी माता — भू देवी या धरती माता — का सम्मान करती है, जो सभी जीवन को धारण करने वाली पवित्र पृथ्वी देवी हैं। पंच महाभूतों में से एक के रूप में, पृथ्वी अस्तित्व की नींव है। यह आरती हमारे पैरों के नीचे की धरती और सभी सृष्टि को बिना अपेक्षा के पोषण देने वाली माँ के प्रति गहरी कृतज्ञता विकसित करती है।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
पृथ्वी माता आरती के लाभ
- ·जीवन में स्थिरता और धरातल
- ·पृथ्वी द्वारा प्रदान की गई समृद्धि के प्रति कृतज्ञता
- ·किसानों, बागवानों और भूमि से जुड़े लोगों के लिए आशीर्वाद
- ·पारिस्थितिक जागरूकता और प्रकृति के प्रति श्रद्धा
पाठ का सर्वोत्तम समय
भूमि पूजन (निर्माण या जुताई से पहले), अक्षय तृतीया और पृथ्वी दिवस। पंच भूत पूजन के अनुयायी इसे प्रतिदिन पढ़ते हैं।
पृथ्वी माता आरती — संपूर्ण पाठ
॥ पृथ्वी माता आरती ॥
टेक
जय पृथ्वी माता, जय धरती माँ। सबको सहने वाली, जग-आधार माँ॥
॥ 1 ॥
सहस्र-युगों से तुम सबको धारण करती। वृक्ष-नदी-पर्वत को माँ तुम हो तरती॥ जय पृथ्वी माता, जय धरती माँ। सबको सहने वाली, जग-आधार माँ॥
॥ 2 ॥
अन्न-जल-वायु सब, तुझसे ही मिलते। तेरे बिना जग में, न प्राण हैं खिलते॥ जय पृथ्वी माता, जय धरती माँ। सबको सहने वाली, जग-आधार माँ॥
॥ 3 ॥
भूमि-पूजन करते, जब भी घर बनाएँ। माँ की अनुमति लेकर, आगे कदम बढ़ाएँ॥ जय पृथ्वी माता, जय धरती माँ। सबको सहने वाली, जग-आधार माँ॥
सामान्य प्रश्न
प्र.हिंदू परंपरा में पृथ्वी माता कौन हैं?
पृथ्वी (संस्कृत में "विशाल") पृथ्वी की हिंदू देवी हैं — पंच महाभूतों में से एक। उनके अनेक नाम हैं: भू देवी, धरती माता, वसुंधरा। वैष्णव परंपरा में भू देवी विष्णु की दो पत्नियों में से एक हैं (दूसरी लक्ष्मी)। अथर्ववेद के भूमि सूक्तम में उनकी स्तुति है।
प्र.भूमि पूजन क्या है और पृथ्वी माता आरती कब पढ़नी चाहिए?
भूमि पूजन निर्माण से पहले की जाने वाली पूजा है — भूमि देवी से अनुमति और क्षमा माँगना। पृथ्वी माता आरती इस समारोह में पढ़ी जाती है। किसान भी बुआई के पहले जुताई से पहले उनका आह्वान करते हैं। अक्षय तृतीया भूमि पूजन के लिए विशेष शुभ है।
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