नवग्रह देव · भक्ति गीत
नवग्रह आरती
Navgraha Aarti
नवग्रह आरती एक साथ नौ ग्रह देवताओं की पूजा करती है। इसका पाठ सभी ग्रहीय प्रभावों को संतुलित करता है और व्यापक ज्योतिषीय सुरक्षा देता है।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
नवग्रह आरती के लाभ
- ·सभी ग्रहीय ऊर्जाओं का संतुलन
- ·सभी ग्रह दोषों से सुरक्षा
- ·साढ़ेसाती और राहु-केतु से राहत
- ·समग्र स्वास्थ्य और सौहार्द
पाठ का सर्वोत्तम समय
नवग्रह पूजा के दौरान, रविवार को और विवाह या शल्य चिकित्सा जैसे प्रमुख निर्णयों से पहले।
नवग्रह आरती — संपूर्ण पाठ
॥ नवग्रह देव की आरती ॥
टेक
जय जय नवग्रह देवा, नवों ग्रहों की सेवा। सूर्य-चंद्र-मंगल-बुध-गुरु-शुक्र-शनि-राहु-केतु॥
॥ 1 ॥
सूर्य-देव प्रकाशक, नेत्र रोग नाशक। चंद्रमा मन-पालक, भावना का रक्षक॥
सामान्य प्रश्न
प्र.क्या नौ ग्रह मंत्र अलग-अलग पढ़ने चाहिए या नवग्रह आरती पर्याप्त है?
नवग्रह आरती दैनिक पूजा के लिए उचित है। साढ़ेसाती जैसे विशिष्ट उपायों के लिए उस ग्रह की व्यक्तिगत आरती भी पढ़ें।
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