नव दुर्गा (माँ दुर्गा के नौ स्वरूप) · भक्ति गीत
नव दुर्गा आरती
Nav Durga Aarti
नव दुर्गा आरती माँ दुर्गा के नौ दिव्य स्वरूपों की एक साथ उपासना करती है — शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री। प्रत्येक रूप एक अद्वितीय ब्रह्मांडीय शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
नव दुर्गा आरती के लाभ
- ·एक प्रार्थना में नौ ब्रह्मांडीय शक्तियों का आशीर्वाद
- ·नवरात्रि में संपूर्ण सुरक्षा
- ·नौ प्रकार की मनोकामनाओं की पूर्ति
- ·भक्ति के नौ स्तरों से आध्यात्मिक उन्नति
पाठ का सर्वोत्तम समय
नवरात्रि की नौ रातें (चैत्र और शारद), और प्रत्येक देवी के संबंधित दिन।
नव दुर्गा आरती — संपूर्ण पाठ
॥ नव दुर्गा आरती ॥
टेक
जय नव दुर्गा, जय माँ नव दुर्गा। नौ रूपों में शोभित माँ, नव-शक्ति-उर्जा॥
॥ 1 ॥
शैलपुत्री पहली माँ, वृषभ पर आसीन। ब्रह्मचारिणी दूजी माँ, तप से अधीन॥ जय नव दुर्गा, जय माँ नव दुर्गा। नौ रूपों में शोभित माँ, नव-शक्ति-उर्जा॥
॥ 2 ॥
चंद्रघंटा तीजी माँ, घंटा-नाद करें। कूष्मांडा चौथी माँ, ब्रह्मांड निर्मित करें॥ जय नव दुर्गा, जय माँ नव दुर्गा। नौ रूपों में शोभित माँ, नव-शक्ति-उर्जा॥
॥ 3 ॥
स्कंदमाता पाँचवीं माँ, कार्तिकेय-जननी। कात्यायनी छठी माँ, महिषासुर-दलनी॥ जय नव दुर्गा, जय माँ नव दुर्गा। नौ रूपों में शोभित माँ, नव-शक्ति-उर्जा॥
॥ 4 ॥
कालरात्रि सातवीं माँ, भयंकर रूप धारे। महागौरी आठवीं माँ, सर्व-पाप हारे॥ जय नव दुर्गा, जय माँ नव दुर्गा। नौ रूपों में शोभित माँ, नव-शक्ति-उर्जा॥
॥ 5 ॥
सिद्धिदात्री नवमी माँ, सिद्धि-दान देती। नौ रूपों की एक माँ, भक्त-मन हरती॥ जय नव दुर्गा, जय माँ नव दुर्गा। नौ रूपों में शोभित माँ, नव-शक्ति-उर्जा॥
सामान्य प्रश्न
प्र.दुर्गा के नौ रूप कौन-से हैं और प्रत्येक का क्या प्रतीक है?
नव दुर्गा हैं: 1. शैलपुत्री (स्थिरता), 2. ब्रह्मचारिणी (तप-भक्ति), 3. चंद्रघंटा (शांति-साहस), 4. कूष्मांडा (सृजन-शक्ति), 5. स्कंदमाता (मातृस्नेह), 6. कात्यायनी (योद्धा रूप), 7. कालरात्रि (अंधकार-नाश), 8. महागौरी (शुद्धता-अनुग्रह), 9. सिद्धिदात्री (सिद्धि-दायिनी)। प्रत्येक को नवरात्रि के संबंधित दिन पूजा जाता है।
प्र.क्या नव दुर्गा आरती नवरात्रि के सभी नौ दिन गाई जाती है?
हाँ, नव दुर्गा आरती सभी नौ दिन संपूर्ण प्रार्थना के रूप में गाई जा सकती है। वैकल्पिक रूप से, भक्त प्रत्येक दिन संबंधित स्वरूप की आरती गा सकते हैं। नव दुर्गा आरती एक साथ सभी नौ रूपों का आह्वान करती है।
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