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खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIशुक्रवार, 24 अप्रैल 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
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वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

मंगल देव · भक्ति गीत

मंगल आरती

Mangal Aarti

देवतामंगल देव
प्रकारआरती (भक्ति गीत)
भाषाहिंदी (देवनागरी)

मंगल आरती भगवान मंगल को समर्पित है, जो अग्निमय लाल ग्रह मंगल और भूमि-पुत्र हैं। मंगलवार को गाई जाने वाली यह आरती मंगल दोष को दूर करती है और साहस, शक्ति एवं शत्रुओं से रक्षा प्रदान करती है।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत

मंगल आरती के लाभ

  • ·कुंडली में मंगल दोष का निवारण
  • ·साहस, शक्ति और योद्धा भावना
  • ·शत्रुओं और दुर्घटनाओं से रक्षा
  • ·खेल, प्रतियोगिता और शारीरिक प्रयासों में सफलता

पाठ का सर्वोत्तम समय

प्रत्येक मंगलवार, हनुमान पूजा के समय और मंगला चतुर्थी पर।

मंगल आरती — संपूर्ण पाठ

॥ श्री मंगल देव की आरती ॥

टेक

जय मंगल देवा, भूमि-पुत्र देवा। रक्त वर्ण तुम सोहो, भय से मुक्त करो देवा॥

1

भौम पुत्र भूमि के, लाल वस्त्र धारी। चार भुजा शोभित तुम, त्रिशूल धनुधारी॥ जय मंगल देवा, भूमि-पुत्र देवा। रक्त वर्ण तुम सोहो, भय से मुक्त करो देवा॥

2

मंगल दोष निवारण, तुम ही करनेवाले। विवाह सुख देते हो, भाग्य खोलनेवाले॥ जय मंगल देवा, भूमि-पुत्र देवा। रक्त वर्ण तुम सोहो, भय से मुक्त करो देवा॥

3

शत्रु नाश करते हो, वीरों के सहाई। मंगलवार को पूजत, भक्त सुख पाई॥ जय मंगल देवा, भूमि-पुत्र देवा। रक्त वर्ण तुम सोहो, भय से मुक्त करो देवा॥

सामान्य प्रश्न

प्र.क्या मंगल आरती से मंगल दोष दूर होता है?

हाँ, मंगलवार को नियमित रूप से भगवान मंगल की पूजा और आरती करना जन्म कुंडली में मंगल दोष (कुज दोष) का प्रचलित वैदिक उपाय है, जिससे विवाह में विलंब और संबंधों में कलह दूर होती है।

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