माँ काली · भक्ति गीत
काली आरती
Kali Aarti
काली आरती बुराई की विनाशक माँ काली की उग्र स्तुति है। अमावस्या और शनिवार की रात को गाई जाने वाली यह आरती काले जादू और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा देती है।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
काली आरती के लाभ
- ·काले जादू से सुरक्षा
- ·साहस और निडरता
- ·गहरे डर से मुक्ति
- ·नकारात्मक कर्म का रूपांतरण
पाठ का सर्वोत्तम समय
अमावस्या की मध्यरात्रि, शनिवार की रात और काली पूजा की रात।
काली आरती — संपूर्ण पाठ
॥ माँ काली की आरती ॥
टेक
जय जय माँ काली, भव बाधा हारी। श्याम मुखी महाविद्या शत्रु संहारी॥
॥ 1 ॥
ब्रह्मांड-विहारिणी, खप्पर-धारिणी। भूत प्रेत पिशाच निशा की हारिणी॥
सामान्य प्रश्न
प्र.क्या रात को अकेले काली आरती गाना सुरक्षित है?
हाँ — पूर्ण श्रद्धा के साथ रात को काली आरती गाई जा सकती है। माँ काली भय को दूर करती हैं।
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