भगवान जगन्नाथ · भक्ति गीत
जगन्नाथ आरती
Jagannath Aarti
जगन्नाथ आरती ओडिशा के पुरी में स्थापित भगवान जगन्नाथ को सम्मानित करती है। हिंदू धर्म के चार धामों में से एक यह मंदिर अपनी भव्य रथ यात्रा के लिए प्रसिद्ध है।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
जगन्नाथ आरती के लाभ
- ·सार्वभौमिक प्रेम
- ·चारों धाम का पुण्य
- ·एकता और भाईचारा
- ·रथ यात्रा का आशीर्वाद
पाठ का सर्वोत्तम समय
रथ यात्रा के दौरान (आषाढ़ माह), पूर्णिमा के दिन और सूर्योदय पर।
जगन्नाथ आरती — संपूर्ण पाठ
॥ श्री जगन्नाथ जी की आरती ॥
टेक
जय जगन्नाथ स्वामी, नयन-पथ-गामी भवताम। रथयात्रा में विराजे, भुवनेश्वर नामी॥
॥ 1 ॥
पुरुषोत्तम क्षेत्र विराजे, बलभद्र संग सुभद्रा। भक्त जनों के ह्रदय में, बसते सदा प्रभु॥
सामान्य प्रश्न
प्र.भगवान जगन्नाथ की आँखें इतनी बड़ी गोल क्यों हैं?
भगवान जगन्नाथ की बड़ी गोल आँखें उनकी सर्वज्ञता का प्रतीक हैं — एक साथ सारी सृष्टि को समान प्रेम से देखना।
अन्य आरतियाँ
जय गणेश जय गणेश आरती
Jai Ganesh Aarti
जय अम्बे गौरी आरती
Jai Ambe Gauri Aarti
ॐ जय शिव ओंकारा आरती
Om Jai Shiv Omkara Aarti
ॐ जय जगदीश हरे आरती
Om Jai Jagdish Hare Aarti
लक्ष्मी आरती — जय लक्ष्मी माता
Lakshmi Aarti — Jai Lakshmi Mata
हनुमान आरती — आरती कीजै हनुमान लला की
Hanuman Aarti — Jai Hanuman Gyan Gun Sagar