माँ गंगा · भक्ति गीत
गंगा आरती
Ganga Aarti
देवतामाँ गंगा
प्रकारआरती (भक्ति गीत)
भाषाहिंदी (देवनागरी)
गंगा आरती वाराणसी, हरिद्वार और ऋषिकेश में पवित्र गंगा के तट पर की जाने वाली भव्य संध्याकालीन आरती है।
अंतिम अपडेट: 14 जून 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
गंगा आरती के लाभ
- ·सभी पापों की शुद्धि
- ·मोक्ष
- ·रोगों का उपचार
- ·मानसिक शांति
पाठ का सर्वोत्तम समय
प्रत्येक शाम सूर्यास्त पर। गंगा दशहरा और कुंभ मेले पर।
गंगा आरती, संपूर्ण पाठ
॥ माँ गंगा जी की आरती ॥
टेक
जय गंगे माता, श्री गंगे माता। जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता॥
॥ 1 ॥
चंद्र-सी ज्योत तुम्हारी, जल निर्मल भारी। शरण पड़े जो तेरी, पातक उतारी॥
सामान्य प्रश्न
प्र.सबसे प्रसिद्ध गंगा आरती कहाँ होती है?
सबसे प्रसिद्ध गंगा आरतियाँ वाराणसी के दशाश्वमेध घाट और हरिद्वार के हर की पैड़ी घाट पर होती हैं।