भगवान धन्वंतरि · भक्ति गीत
श्री धन्वंतरि जी की आरती
Dhanvantari Aarti
धन्वंतरि आरती भगवान धन्वंतरि की वंदना में गाई जाती है, जो दिव्य चिकित्सक और आयुर्वेद के देवता हैं। समुद्र मंथन के समय उभरे विष्णु के इस अवतार के हाथ में अमृत कलश है। यह आरती रोग-निवारण, स्वास्थ्य और रोग-मुक्ति के लिए पढ़ी जाती है।
अंतिम अपडेट: 14 मई 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
श्री धन्वंतरि जी की आरती के लाभ
- ·पुराने रोगों और बीमारियों से उपचार
- ·महामारियों और स्वास्थ्य संकटों से सुरक्षा
- ·चिकित्सकों और उपचारकों के लिए आशीर्वाद
- ·दीर्घायु, शक्ति और संपूर्ण स्वास्थ्य
पाठ का सर्वोत्तम समय
धन्वंतरि जयंती (धनतेरस, दीपावली से दो दिन पहले) और रोग के किसी भी दिन या स्वास्थ्य-प्रार्थना के अवसर पर।
श्री धन्वंतरि जी की आरती, संपूर्ण पाठ
॥ श्री धन्वंतरि जी की आरती ॥
टेक
जय धन्वंतरि देवा, जय धन्वंतरि देवा। आयुर्वेद के दाता, रोग-हरे सेवा॥
॥ 1 ॥
क्षीर-सागर से प्रकटे, अमृत-कलश लाए। देव-दानव को नीरोग, कर जग महकाए॥ जय धन्वंतरि देवा, जय धन्वंतरि देवा। आयुर्वेद के दाता, रोग-हरे सेवा॥
॥ 2 ॥
चार भुज में शंख चक्र, जलूका औषधि। पीत वस्त्र धारे प्रभु, रोगों की बाधा हरि॥ जय धन्वंतरि देवा, जय धन्वंतरि देवा। आयुर्वेद के दाता, रोग-हरे सेवा॥
॥ 3 ॥
नाम लेते ही रोगी, पाते आराम। विष्णु अवतार तुम हो, पूर्ण करो काम॥ जय धन्वंतरि देवा, जय धन्वंतरि देवा। आयुर्वेद के दाता, रोग-हरे सेवा॥
सामान्य प्रश्न
प्र.भगवान धन्वंतरि कौन हैं और धनतेरस पर उनकी पूजा क्यों होती है?
भगवान धन्वंतरि दिव्य चिकित्सक और आयुर्वेद के देवता हैं, जो विष्णु के अवतार हैं। वे समुद्र मंथन से अमृत-कलश लेकर प्रकट हुए। धनतेरस उनकी जयंती है जो दीपावली से दो दिन पहले पड़ती है, जिसे स्वास्थ्य और दीर्घायु का आशीर्वाद माँगने का सबसे शुभ दिन माना जाता है।
प्र.क्या धन्वंतरि आरती किसी बीमार व्यक्ति के लिए गाई जा सकती है?
हाँ, आयुर्वेदिक और वैष्णव परिवारों में किसी बीमार व्यक्ति के पास या उनकी ओर से धन्वंतरि आरती गाना एक पारम्परिक प्रथा है। माना जाता है कि यह दिव्य उपचार ऊर्जा का आह्वान करती है और चिकित्सा उपचार के साथ-साथ स्वास्थ्य लाभ में सहायता करती है।