श्री बुध ग्रह देव · भक्ति गीत
श्री बुध देव जी की आरती
Budha Aarti
बुध आरती बुध ग्रह को समर्पित है, जो बुद्धि, वाणी, व्यापार और कौशल के देवता हैं। वैदिक ज्योतिष में बुध मन, वाणी, शिक्षा और व्यापारिक कुशलता का कारक है। बुधवार को बुध पूजन से बुद्धि तीक्ष्ण होती है, बुध-दोष दूर होते हैं और व्यापार एवं अध्ययन में सफलता मिलती है।
अंतिम अपडेट: 14 जून 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
श्री बुध देव जी की आरती के लाभ
- ·बुद्धि, स्मरण-शक्ति और विश्लेषण-क्षमता का विकास
- ·शिक्षा, लेखन और संचार में सफलता
- ·व्यापार में वृद्धि और व्यावसायिक समृद्धि
- ·बुध-दोष और वाणी-संबंधी समस्याओं से मुक्ति
पाठ का सर्वोत्तम समय
बुधवार की सुबह; किसी भी दिन बुध होरा में; विशेष रूप से सूर्योदय के समय।
श्री बुध देव जी की आरती, संपूर्ण पाठ
॥ श्री बुध देव जी की आरती ॥
टेक
जय बुध देव बुद्धिदाता, जय बुध देव बुद्धिदाता। सोम-पुत्र सौम्य स्वामी, विद्या के विधाता॥
॥ 1 ॥
हरित वर्ण तन सोहे, पीत वस्त्र धारी। सिंह-वाहन पर आसीन, वेद-मंत्र उचारी॥ जय बुध देव बुद्धिदाता, जय बुध देव बुद्धिदाता। सोम-पुत्र सौम्य स्वामी, विद्या के विधाता॥
॥ 2 ॥
चन्द्र-पुत्र तारा-सुत, ग्रह-राज सुहाए। बुद्धि-विद्या धन देते, भक्त मन हर्षाए॥ जय बुध देव बुद्धिदाता, जय बुध देव बुद्धिदाता। सोम-पुत्र सौम्य स्वामी, विद्या के विधाता॥
॥ 3 ॥
वाणी में मधुरता दो, लेखन में निपुणता। व्यापार में सफलता दो, दूर करो विकलता॥ जय बुध देव बुद्धिदाता, जय बुध देव बुद्धिदाता। सोम-पुत्र सौम्य स्वामी, विद्या के विधाता॥
सामान्य प्रश्न
प्र.बुधवार बुध ग्रह को क्यों समर्पित है?
हिंदी में बुधवार का नाम सीधे बुध ग्रह से लिया गया है। बुधवार को बुध आरती करना, हरा रंग पहनना, हरी सब्जियाँ या हरी चूड़ियाँ दान करना और "ॐ बुं बुधाय नमः" का जप करना जन्मपत्री में बुध को बलशाली बनाता है।
प्र.कमज़ोर बुध से क्या समस्याएँ होती हैं?
जन्मपत्री में कमज़ोर या पीड़ित बुध से एकाग्रता में कमी, वाणी-दोष, सीखने में कठिनाई, निर्णय लेने में भ्रम और व्यापार में हानि हो सकती है। बुधवार को बुध आरती, हरी मूँग दाल का दान और बुध बीज मंत्र वैदिक ज्योतिष में प्रमुख उपाय हैं।