कालभैरव · भक्ति गीत
भैरव आरती
Bhairav Aarti
देवताकालभैरव
प्रकारआरती (भक्ति गीत)
भाषाहिंदी (देवनागरी)
भैरव आरती भगवान शिव की उग्र अभिव्यक्ति और वाराणसी के क्षेत्रपाल देवता कालभैरव की शक्तिशाली स्तुति है।
अंतिम अपडेट: 13 मई 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
भैरव आरती के लाभ
- ·सभी शत्रुओं से पूर्ण सुरक्षा
- ·निडरता और साहस
- ·आध्यात्मिक साधनाओं में सफलता
- ·रात यात्रियों के लिए आशीर्वाद
पाठ का सर्वोत्तम समय
रविवार की रात, भैरव अष्टमी और काल सर्प दोष निवारण के समय।
भैरव आरती, संपूर्ण पाठ
॥ श्री कालभैरव जी की आरती ॥
टेक
जय जय श्री कालभैरव, काशी के अधिकारी। शत्रु-भंजन भव-तारण, त्रिलोक उजियारी॥
॥ 1 ॥
श्याम वर्ण महादेव, त्रिशूल-डमरुधारी। रुद्रावतार शूलपाणि, मुंडमाल-धारी॥
सामान्य प्रश्न
प्र.कालभैरव कौन हैं और उनकी पूजा क्यों की जाती है?
कालभैरव भगवान शिव की उग्र अभिव्यक्ति और वाराणसी के कोतवाल देवता हैं। उनकी पूजा सुरक्षा, बाधा निवारण और कानूनी मामलों में की जाती है।