माँ बगलामुखी (पीताम्बरा देवी) · भक्ति गीत
बगलामुखी आरती
Baglamukhi Aarti
बगलामुखी आरती दस महाविद्याओं में आठवीं माँ बगलामुखी — पीताम्बरा देवी — की स्तुति है। दतिया और नलखेड़ा में पूजित, वे शत्रुओं को स्तंभित करने, कोर्ट-केस, कानूनी विवाद और विरोधियों का मुँह बंद करने के लिए आह्वान की जाती हैं।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · पारंपरिक हिंदू भक्ति गीत
बगलामुखी आरती के लाभ
- ·शत्रुओं पर विजय
- ·कोर्ट-केस और कानूनी विवादों में सफलता
- ·काला जादू और बुरी नज़र से सुरक्षा
- ·बहस और विवाद में विरोधियों का स्तंभन
पाठ का सर्वोत्तम समय
मंगलवार और शुक्रवार, विशेष रूप से नवरात्रि में। पूजा पीले फूल, पीले वस्त्र और पीली मिठाई से होती है।
बगलामुखी आरती — संपूर्ण पाठ
॥ श्री बगलामुखी आरती ॥
टेक
जय जय बगलामुखी माता, जय पीताम्बरा देवी। शत्रु-स्तंभन-कारिणी माँ, दुष्टों की हर्ती॥
॥ 1 ॥
पीत-वसना पीत-भूषण, पीत-पुष्प-माला। ब्रह्मास्त्र-धारिणी माँ, काल की काला॥ जय जय बगलामुखी माता, जय पीताम्बरा देवी। शत्रु-स्तंभन-कारिणी माँ, दुष्टों की हर्ती॥
॥ 2 ॥
दतिया-नलखेड़ा की पीठ पर विराजित। तीनों लोकों में जिनकी शक्ति अनाजित॥ जय जय बगलामुखी माता, जय पीताम्बरा देवी। शत्रु-स्तंभन-कारिणी माँ, दुष्टों की हर्ती॥
॥ 3 ॥
जो भक्त आए तेरी शरण में माता। शत्रु-मुख स्तंभित हो, बाधा-मुक्त विधाता॥ जय जय बगलामुखी माता, जय पीताम्बरा देवी। शत्रु-स्तंभन-कारिणी माँ, दुष्टों की हर्ती॥
सामान्य प्रश्न
प्र.माँ बगलामुखी कौन हैं और महाविद्याओं में उनकी विशेषता क्या है?
माँ बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं हैं। उन्हें पीताम्बरा देवी कहते हैं क्योंकि उनकी सभी पूजा-सामग्री पीले रंग की होती है। उनकी शक्ति है स्तंभन — शत्रु की वाणी, क्रिया और संकल्प को स्थिर करना। दतिया (मध्यप्रदेश) उनका प्रमुख पीठ माना जाता है।
प्र.किन समस्याओं में बगलामुखी की पूजा करनी चाहिए?
कोर्ट-केस, कानूनी विवाद, शत्रुओं या प्रतिद्वंद्वियों का मुँह बंद करने, काला जादू से सुरक्षा, और प्रतियोगिताओं या चुनाव में विजय के लिए बगलामुखी पूजा की जाती है। पीले रंग की सामग्री के साथ मंगलवार या शुक्रवार को योग्य पंडित द्वारा यह पूजा करवाना अधिक फलदायी है।
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