शिव पूजा — वैदिक पूजा विधि
श्रावण सोमवार पूजा
संक्षिप्त परिचय
श्रावण सोमवार पूजा पवित्र श्रावण मास (जुलाई–अगस्त) के प्रत्येक सोमवार को की जाने वाली शिव पूजा है। शिव पुराण के अनुसार, श्रावण में भगवान शिव अपने सबसे कृपालु और ग्रहणशील रूप में होते हैं, और इस माह की गई प्रार्थनाएं सौ गुना फल देती हैं। भक्त कड़ा उपवास रखते हैं, दिन भर शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं और कई लोग कांवड़ यात्रा पर जाकर गंगाजल लाते हैं।
अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
अत्यधिक आध्यात्मिक पुण्य मिलता है, स्वास्थ्य और दीर्घायु मिलती है, विवाह और संतान की इच्छाएं पूरी होती हैं, पुरानी बीमारियां दूर होती हैं, समृद्धि आती है, सभी कार्यों में सफलता मिलती है।
चरण-दर-चरण विधि
प्रत्येक श्रावण सोमवार को सूर्योदय से पहले व्रत शुरू करें। स्नान करें और यदि संभव हो तो शिव मंदिर जाएं। सुबह भर शिवलिंग पर जल या गंगाजल से जलाभिषेक करें। बिल्वपत्र, सफेद फूल, दूध, शहद और भस्म चढ़ाएं। "ॐ नमः शिवाय" या शिव पंचाक्षर स्तोत्र जपें। अगरबत्ती और घी का दीपक जलाएं। रात को पूजा के बाद फल या सात्विक भोजन से व्रत खोलें।
शुभ मुहूर्त
श्रावण मास का प्रत्येक सोमवार। चार या पाँच श्रावण सोमवारों को सामूहिक रूप से श्रावण सोमवार व्रत के रूप में मनाया जाता है।
आवश्यक सामग्री
- ·शिवलिंग
- ·गंगाजल या शुद्ध जल
- ·दूध
- ·शहद
- ·बिल्वपत्र
- ·सफेद फूल
- ·भस्म
- ·अगरबत्ती
- ·घी का दीपक
- ·चंदन
- ·फल
सामान्य प्रश्न
प्र.श्रावण सोमवार पूजा क्या है?
श्रावण सोमवार पूजा पवित्र श्रावण मास (जुलाई–अगस्त) के प्रत्येक सोमवार को की जाने वाली शिव पूजा है। शिव पुराण के अनुसार, श्रावण में भगवान शिव अपने सबसे कृपालु और ग्रहणशील रूप में होते हैं, और इस माह की गई प्रार्थनाएं सौ गुना फल देती हैं। भक्त कड़ा उपव...
प्र.श्रावण सोमवार पूजा के क्या लाभ हैं?
अत्यधिक आध्यात्मिक पुण्य मिलता है, स्वास्थ्य और दीर्घायु मिलती है, विवाह और संतान की इच्छाएं पूरी होती हैं, पुरानी बीमारियां दूर होती हैं, समृद्धि आती है, सभी कार्यों में सफलता मिलती है।
प्र.श्रावण सोमवार पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
श्रावण मास का प्रत्येक सोमवार। चार या पाँच श्रावण सोमवारों को सामूहिक रूप से श्रावण सोमवार व्रत के रूप में मनाया जाता है।
प्र.श्रावण सोमवार पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?
शिवलिंग, गंगाजल या शुद्ध जल, दूध, शहद, बिल्वपत्र, सफेद फूल, भस्म, अगरबत्ती, घी का दीपक, चंदन, फल।