शिव पूजा — वैदिक पूजा विधि
प्रदोष पूजा
संक्षिप्त परिचय
प्रदोष पूजा एक द्विमासिक शिव पूजा है जो प्रदोष काल — शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को सूर्यास्त के लगभग 1.5 घंटे बाद के संध्याकाल — में की जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार प्रदोष काल में शिव और पार्वती कैलाश पर प्रसन्न मुद्रा में होते हैं और किसी भी वरदान की इच्छा पूरी करते हैं। सबसे शक्तिशाली प्रदोष सोम प्रदोष (सोमवार) है, फिर शनि प्रदोष (शनिवार)।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
सभी सांसारिक इच्छाएं पूरी होती हैं, पाप दूर होते हैं, वैवाहिक सुख मिलता है, संतान प्राप्ति होती है, धन और स्वास्थ्य मिलता है, जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिलती है।
चरण-दर-चरण विधि
त्रयोदशी को सूर्योदय से उपवास रखें। सूर्यास्त से पहले स्नान करें। प्रदोष काल (संध्याकाल) में शिवलिंग पूजा करें। पंचामृत और जल से अभिषेक करें। बिल्वपत्र, सफेद फूल और फल चढ़ाएं। प्रदोष स्तोत्र और "ॐ नमः शिवाय" 108 बार जपें। शिव और पार्वती की संयुक्त आरती करें। पूजा के बाद सात्विक भोजन से व्रत खोलें।
शुभ मुहूर्त
त्रयोदशी का प्रदोष काल (सूर्यास्त के 1.5 घंटे बाद), कृष्ण और शुक्ल दोनों पक्षों में। सोम प्रदोष (सोमवार त्रयोदशी) और शनि प्रदोष (शनिवार त्रयोदशी) सबसे शक्तिशाली हैं।
आवश्यक सामग्री
- ·शिवलिंग
- ·दूध
- ·दही
- ·शहद
- ·घी
- ·शक्कर
- ·बिल्वपत्र
- ·सफेद फूल
- ·धतूरा
- ·विभूति
- ·अगरबत्ती
- ·घी का दीपक
- ·फल
सामान्य प्रश्न
प्र.प्रदोष पूजा क्या है?
प्रदोष पूजा एक द्विमासिक शिव पूजा है जो प्रदोष काल — शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को सूर्यास्त के लगभग 1.5 घंटे बाद के संध्याकाल — में की जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार प्रदोष काल में शिव और पार्वती कैलाश पर प्रसन्न मुद्रा में होते हैं और किसी भी ...
प्र.प्रदोष पूजा के क्या लाभ हैं?
सभी सांसारिक इच्छाएं पूरी होती हैं, पाप दूर होते हैं, वैवाहिक सुख मिलता है, संतान प्राप्ति होती है, धन और स्वास्थ्य मिलता है, जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिलती है।
प्र.प्रदोष पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
त्रयोदशी का प्रदोष काल (सूर्यास्त के 1.5 घंटे बाद), कृष्ण और शुक्ल दोनों पक्षों में। सोम प्रदोष (सोमवार त्रयोदशी) और शनि प्रदोष (शनिवार त्रयोदशी) सबसे शक्तिशाली हैं।
प्र.प्रदोष पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?
शिवलिंग, दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, बिल्वपत्र, सफेद फूल, धतूरा, विभूति, अगरबत्ती, घी का दीपक, फल।