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देवी पूजा — वैदिक पूजा विधि

नवार्ण मंत्र पूजा

देवता महा देवी चामुंडा / दुर्गा (नवार्ण स्वरूप)
अवधि 1–2 घंटे (दैनिक जाप); 9 दिन (1,25,000 जाप का पूर्ण नवार्ण अनुष्ठान)
श्रेणी देवी पूजा

संक्षिप्त परिचय

नवार्ण मंत्र पूजा नवार्ण मंत्र पर केंद्रित पवित्र आराधना है — देवी का नौ-अक्षरी सर्वोच्च मंत्र: "ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विचे।" यह मंत्र देवी परंपरा का सर्वोच्च बीज मंत्र है और सम्पूर्ण शक्ति-ब्रह्मांड को नौ अक्षरों में समाहित करता है। "ऐं" सरस्वती (ज्ञान) का बीज है, "ह्रीं" महामाया (भ्रम और मुक्ति) का बीज है, "क्लीं" कामकला (इच्छा और आकर्षण) का बीज है, और "चामुंडायै विचे" चामुंडा का आह्वान करता है। नवार्ण मंत्र दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्यम) के प्रत्येक पाठ से पहले अनिवार्य रूप से पढ़ा जाने वाला उपसर्ग है।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

नवार्ण मंत्र में महासरस्वती, महालक्ष्मी और महाकाली की संयुक्त शक्ति समाहित मानी जाती है — जिससे इसका नियमित जाप सर्वांगीण आशीर्वाद का मार्ग बनता है: सर्वोच्च ज्ञान और वाक्पटुता, प्रचुर समृद्धि और सौंदर्य, तथा सभी शत्रुओं और अंधकार से निर्भय सुरक्षा। व्यवस्थित नवार्ण जाप गहरी कर्मिक बाधाओं को दूर करता है, तमस को नष्ट करता है और कुंडलिनी शक्ति के जागरण को तीव्र करता है। नवरात्रि में 1,25,000 जाप का अनुष्ठान विशेष रूप से शक्तिशाली माना जाता है।

चरण-दर-चरण विधि

नवार्ण मंत्र पूजा शुद्धिकरण से आरंभ होती है: स्नान करें, साफ लाल या सफेद कपड़े पहनें, और लाल आसन पर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें। लाल कपड़े से ढकी साफ वेदी पर श्री यंत्र या चामुंडा यंत्र स्थापित करें। घी का दीपक जलाएं और यंत्र पर लाल फूल (गुड़हल), कुमकुम, लाल कपड़ा और नारियल अर्पित करें। जाप से पहले अनिवार्य प्रारंभिक अनुक्रम करें: विनियोग, ऋषि न्यास, छंदस न्यास, और देवता न्यास। फिर कर-न्यास और अंग-न्यास करें। लाल मूंगे या रुद्राक्ष माला पर "ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विचे" का जाप करें। नवार्ण अनुष्ठान (1,25,000 जाप) में प्रत्येक बैठक से पहले दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। देवी आरती के साथ समापन करें और कन्या पूजा (कुमारी कन्याओं को भोजन/दान) करें।

शुभ मुहूर्त

नवरात्रि — चैत्र (वसंत) और शारद (शरद) दोनों — नवार्ण जाप अनुष्ठान के लिए सर्वोच्च समय है, जहाँ पूर्ण 9-दिवसीय अवधि 1,25,000 जाप पूर्ण करने के लिए आदर्श है। नवरात्रि की अष्टमी और नवमी पूजा के सबसे शक्तिशाली दिन हैं, जिनमें निशीथ काल (मध्यरात्रि) सबसे शक्तिशाली समय है। वर्ष भर शुक्रवार और मंगलवार साप्ताहिक नवार्ण जाप के लिए शुभ हैं। देवी मंदिर उत्सव — विशेष रूप से कामाख्या (असम), वैष्णो देवी (जम्मू) और विंध्यवासिनी (मिर्जापुर) में — वार्षिक नवरात्र उत्सव के दौरान साधकों द्वारा गहन नवार्ण जाप का दृश्य प्रस्तुत करते हैं।

आवश्यक सामग्री

  • ·श्री यंत्र या चामुंडा यंत्र
  • ·लाल वेदी कपड़ा
  • ·लाल मूंगे या रुद्राक्ष जप माला
  • ·घी का दीपक
  • ·लाल गुड़हल के फूल
  • ·कुमकुम
  • ·लाल वस्त्र अर्पण
  • ·नारियल
  • ·पंचामृत
  • ·दुर्गा सप्तशती पाठ
  • ·नवार्ण मंत्र न्यास गाइड
  • ·लाल चंदन का लेप
  • ·अगरबत्ती (गुलाब या जस्मीन)
  • ·कपूर
  • ·लाल हलवा या कुमकुम मिश्रित नारियल (प्रसाद)

सामान्य प्रश्न

प्र.नवार्ण मंत्र पूजा क्या है?

नवार्ण मंत्र पूजा नवार्ण मंत्र पर केंद्रित पवित्र आराधना है — देवी का नौ-अक्षरी सर्वोच्च मंत्र: "ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विचे।" यह मंत्र देवी परंपरा का सर्वोच्च बीज मंत्र है और सम्पूर्ण शक्ति-ब्रह्मांड को नौ अक्षरों में समाहित करता है। "ऐं" सरस्वती ...

प्र.नवार्ण मंत्र पूजा के क्या लाभ हैं?

नवार्ण मंत्र में महासरस्वती, महालक्ष्मी और महाकाली की संयुक्त शक्ति समाहित मानी जाती है — जिससे इसका नियमित जाप सर्वांगीण आशीर्वाद का मार्ग बनता है: सर्वोच्च ज्ञान और वाक्पटुता, प्रचुर समृद्धि और सौंदर्य, तथा सभी शत्रुओं और अंधकार से निर्भय सुरक्षा। व्यवस्थित नवार्ण जाप गहरी कर्मिक बाधाओं को दूर करता है, तमस को नष्ट करता है और कुंडलिनी शक्ति के जागरण को तीव्र करता है। नवरात्रि में 1,25,000 जाप का अनुष्ठान विशेष रूप से शक्तिशाली माना जाता है।

प्र.नवार्ण मंत्र पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

नवरात्रि — चैत्र (वसंत) और शारद (शरद) दोनों — नवार्ण जाप अनुष्ठान के लिए सर्वोच्च समय है, जहाँ पूर्ण 9-दिवसीय अवधि 1,25,000 जाप पूर्ण करने के लिए आदर्श है। नवरात्रि की अष्टमी और नवमी पूजा के सबसे शक्तिशाली दिन हैं, जिनमें निशीथ काल (मध्यरात्रि) सबसे शक्तिशाली समय है। वर्ष भर शुक्रवार और मंगलवार साप्ताहिक नवार्ण जाप के लिए शुभ हैं। देवी मंदिर उत्सव — विशेष रूप से कामाख्या (असम), वैष्णो देवी (जम्मू) और विंध्यवासिनी (मिर्जापुर) में — वार्षिक नवरात्र उत्सव के दौरान साधकों द्वारा गहन नवार्ण जाप का दृश्य प्रस्तुत करते हैं।

प्र.नवार्ण मंत्र पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?

श्री यंत्र या चामुंडा यंत्र, लाल वेदी कपड़ा, लाल मूंगे या रुद्राक्ष जप माला, घी का दीपक, लाल गुड़हल के फूल, कुमकुम, लाल वस्त्र अर्पण, नारियल, पंचामृत, दुर्गा सप्तशती पाठ, नवार्ण मंत्र न्यास गाइड, लाल चंदन का लेप, अगरबत्ती (गुलाब या जस्मीन), कपूर, लाल हलवा या कुमकुम मिश्रित नारियल (प्रसाद)।

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