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शिव पूजा — वैदिक पूजा विधि

नाग देवता पूजा

देवता नाग देवता (सर्प देवता)
अवधि 1–1.5 घंटे
श्रेणी शिव पूजा

संक्षिप्त परिचय

नाग देवता पूजा दिव्य सर्प देवताओं की अनुष्ठानिक पूजा है, जो हिंदू परंपरा में पृथ्वी, जल स्रोतों और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के रक्षकों के रूप में सम्मानित स्थान रखते हैं। सर्पों को भगवान शिव और भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है। यह पूजा काल सर्प दोष, सर्प दोष या पिछले जन्मों में सांपों को नुकसान पहुंचाने से उत्पन्न पीड़ाओं को दूर करने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यह नाग पंचमी और सर्प मंदिरों में व्यापक रूप से की जाती है।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

कुंडली से काल सर्प दोष और सर्प दोष दूर होता है, परिवार को सर्प दंश और विष से सुरक्षा मिलती है, निःसंतान दंपतियों को संतान का आशीर्वाद मिलता है, छुपे भय और अवचेतन अवरोध दूर होते हैं, पारिवारिक संबंधों में सामंजस्य आता है और घर को अदृश्य खतरों से सुरक्षा मिलती है।

चरण-दर-चरण विधि

स्वच्छ सतह पर हल्दी के लेप से सर्प की छवि बनाएं या चांदी/मिट्टी की सर्प मूर्ति रखें। दूध, फूल और दूर्वा घास अर्पित करें। छवि पर सिंदूर या हल्दी लगाएं। अगरबत्ती और घी का दीपक जलाएं। नाग गायत्री मंत्र या वासुकि स्तोत्र का जाप करें। खीर या दूध से बनी मिठाई अर्पित करें। परिवार की सुरक्षा और सर्प दोष निवारण के लिए प्रार्थना करें। आरती के साथ समापन करें।

शुभ मुहूर्त

नाग पंचमी (श्रावण शुक्ल पंचमी) सबसे शुभ दिन है। श्रावण माह के सोमवार, प्रत्येक माह की पंचमी तिथि और सूर्य या चंद्र ग्रहण के दौरान भी शक्तिशाली समय माना जाता है।

आवश्यक सामग्री

  • ·सर्प छवि या चांदी/मिट्टी की सर्प मूर्ति
  • ·दूध
  • ·फूल
  • ·दूर्वा घास
  • ·सिंदूर
  • ·हल्दी
  • ·घी का दीपक
  • ·अगरबत्ती
  • ·खीर या दूध की मिठाई
  • ·कपूर
  • ·चंदन का लेप
  • ·अक्षत

सामान्य प्रश्न

प्र.नाग देवता पूजा क्या है?

नाग देवता पूजा दिव्य सर्प देवताओं की अनुष्ठानिक पूजा है, जो हिंदू परंपरा में पृथ्वी, जल स्रोतों और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के रक्षकों के रूप में सम्मानित स्थान रखते हैं। सर्पों को भगवान शिव और भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है। यह पूजा काल सर्प दोष, सर्प...

प्र.नाग देवता पूजा के क्या लाभ हैं?

कुंडली से काल सर्प दोष और सर्प दोष दूर होता है, परिवार को सर्प दंश और विष से सुरक्षा मिलती है, निःसंतान दंपतियों को संतान का आशीर्वाद मिलता है, छुपे भय और अवचेतन अवरोध दूर होते हैं, पारिवारिक संबंधों में सामंजस्य आता है और घर को अदृश्य खतरों से सुरक्षा मिलती है।

प्र.नाग देवता पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

नाग पंचमी (श्रावण शुक्ल पंचमी) सबसे शुभ दिन है। श्रावण माह के सोमवार, प्रत्येक माह की पंचमी तिथि और सूर्य या चंद्र ग्रहण के दौरान भी शक्तिशाली समय माना जाता है।

प्र.नाग देवता पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?

सर्प छवि या चांदी/मिट्टी की सर्प मूर्ति, दूध, फूल, दूर्वा घास, सिंदूर, हल्दी, घी का दीपक, अगरबत्ती, खीर या दूध की मिठाई, कपूर, चंदन का लेप, अक्षत।

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