देवी पूजा — वैदिक पूजा विधि
कमला पूजा
संक्षिप्त परिचय
कमला पूजा देवी कमला की आराधना है, जो दस महाविद्याओं में दसवीं और अंतिम हैं तथा देवी लक्ष्मी का तांत्रिक रूप हैं। महाविद्या परंपरा में वे आध्यात्मिक कृपा की परिपूर्णता, संसार में रहते हुए प्राप्त मोक्ष के आनंद और भौतिक समृद्धि के साथ दिव्य चेतना के एकीकरण का प्रतिनिधित्व करती हैं। कमला इस सिद्धांत को मूर्त रूप देती हैं कि सच्ची संपदा आध्यात्मिक कृपा है जो भौतिक समृद्धि के रूप में प्रकट होती है।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
स्थायी धन, समृद्धि और प्रचुरता मिलती है, दरिद्रता और वित्तीय अस्थिरता दूर होती है, सौंदर्य और सामाजिक कृपा प्राप्त होती है, व्यापार में सफलता मिलती है, प्रेम और सामंजस्यपूर्ण संबंध आकर्षित होते हैं, कुंडली में लक्ष्मी दोष दूर होता है, और सर्वोच्च कृपा — संसारिक सुखों का आनंद लेते हुए आध्यात्मिक रूप से मुक्त रहने की क्षमता — प्राप्त होती है।
चरण-दर-चरण विधि
स्नान से शुद्ध हों और पीले या सुनहरे वस्त्र पहनें। पीले कपड़े पर देवी कमला की प्रतिमा या यंत्र स्थापित करें। ताजे कमल के फूल या सोने अथवा चांदी की पन्नी से बने कमल रखें। घी का दीपक और चमेली की अगरबत्ती जलाएं। हल्दी, कुमकुम, पीले फूल, शहद और मिठाई अर्पित करें। कमला बीज मंत्र 108 बार जपें। उनके प्रचुर कृपा के रूप का ध्यान करें। नारियल अर्पित करें और मिठाई तथा फल प्रसाद के रूप में वितरित करें। वित्तीय उन्नति के लिए व्रत रखें।
शुभ मुहूर्त
कमला पूजा के लिए शुक्रवार और पूर्णिमा सबसे शुभ हैं। दीवाली (लक्ष्मी पूजा की रात), शरद पूर्णिमा और अक्षय तृतीया सबसे शक्तिशाली वार्षिक अवसर हैं। बृहस्पति और शुक्र होरा के दौरान भी लाभकारी। शरद और वसंत ऋतु पसंद की जाती है।
आवश्यक सामग्री
- ·कमला या लक्ष्मी की प्रतिमा या यंत्र
- ·कमल के फूल (ताजे या पन्नी के)
- ·पीला कपड़ा
- ·घी का दीपक
- ·चमेली की अगरबत्ती
- ·हल्दी और कुमकुम
- ·पीले फूल (गेंदा)
- ·शहद और मिठाई
- ·नारियल
- ·सोने या चांदी के सिक्के (प्रतीकात्मक)
सामान्य प्रश्न
प्र.कमला पूजा क्या है?
कमला पूजा देवी कमला की आराधना है, जो दस महाविद्याओं में दसवीं और अंतिम हैं तथा देवी लक्ष्मी का तांत्रिक रूप हैं। महाविद्या परंपरा में वे आध्यात्मिक कृपा की परिपूर्णता, संसार में रहते हुए प्राप्त मोक्ष के आनंद और भौतिक समृद्धि के साथ दिव्य चेतना के एक...
प्र.कमला पूजा के क्या लाभ हैं?
स्थायी धन, समृद्धि और प्रचुरता मिलती है, दरिद्रता और वित्तीय अस्थिरता दूर होती है, सौंदर्य और सामाजिक कृपा प्राप्त होती है, व्यापार में सफलता मिलती है, प्रेम और सामंजस्यपूर्ण संबंध आकर्षित होते हैं, कुंडली में लक्ष्मी दोष दूर होता है, और सर्वोच्च कृपा — संसारिक सुखों का आनंद लेते हुए आध्यात्मिक रूप से मुक्त रहने की क्षमता — प्राप्त होती है।
प्र.कमला पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
कमला पूजा के लिए शुक्रवार और पूर्णिमा सबसे शुभ हैं। दीवाली (लक्ष्मी पूजा की रात), शरद पूर्णिमा और अक्षय तृतीया सबसे शक्तिशाली वार्षिक अवसर हैं। बृहस्पति और शुक्र होरा के दौरान भी लाभकारी। शरद और वसंत ऋतु पसंद की जाती है।
प्र.कमला पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?
कमला या लक्ष्मी की प्रतिमा या यंत्र, कमल के फूल (ताजे या पन्नी के), पीला कपड़ा, घी का दीपक, चमेली की अगरबत्ती, हल्दी और कुमकुम, पीले फूल (गेंदा), शहद और मिठाई, नारियल, सोने या चांदी के सिक्के (प्रतीकात्मक)।